भतीजे और उसके बेटे पर लाठी-डंडे से हमला करने का आरोप, ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान तोड़ा दम
बबुरी (चंदौली)। क्षेत्र के शाहपुर गांव में भूत-प्रेत और जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार की देर शाम खूनी संघर्ष में बदल गया। भतीजे और उसके बेटे ने लाठी-डंडे से हमला कर चाचा-चाची को गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में संग्राम को ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया गया। शनिवार की सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि पत्नी माया का उपचार चल रहा है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। 
शाहपुर गांव निवासी संग्राम और स्व. रामसूरत आपस में भाई थे। दोनों परिवारों के बीच जमीन के बंटवारे और भूत-प्रेत को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। स्वजन के अनुसार, शुक्रवार की दोपहर स्व. रामसूरत का पुत्र प्यारे अपने बेटे जितेंद्र के साथ संग्राम के घर पहुंचा और जमीन बेचने के लिए साथ चलने को कहा। संग्राम ने जाने से मना कर दिया। इसके बाद शाम को प्यारे और जितेंद्र दोबारा उसके घर पहुंचे और जमीन बिक जाने की बात कहते हुए अपने हिस्से का पैसा लेने के लिए साथ चलने को कहा। बताया गया कि इसके बाद संग्राम अपनी पत्नी माया के साथ उनके साथ चले गए। गांव के बीच स्थित कुएं के पास पहुंचने पर भूत-प्रेत को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस होने लगी। इसी दौरान आरोप है कि प्यारे और जितेंद्र ने लाठी-डंडे से संग्राम और माया पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से दोनों लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। पति-पत्नी को अचेत अवस्था में देखकर आरोपित मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे स्वजन और ग्रामीण दोनों घायलों को जिला अस्पताल चंदौली ले गए। वहां संग्राम की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया। शनिवार की सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतक संग्राम के तीन पुत्र संजय, बृजेश और रामाशीष हैं, जो दूसरे शहरों में निजी कंपनियों में काम करते हैं। घटना के समय तीनों घर पर मौजूद नहीं थे। पिता की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं, घायल माया का उपचार जारी है।
