चिकित्सकीय उपकरण और स्टाफ की कमी से जांच सुविधाएं अभी भी अधूरी
बबुरी (चंदौली)। करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद बबुरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अक्टूबर से औपचारिक रूप से ओपीडी सेवा शुरू हो गई है। एलोपैथिक चिकित्सा के साथ ही आयुष विंग के तहत आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी पद्धति की ओपीडी में मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देने के साथ दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। हालांकि, अस्पताल का पूर्ण रूप से संचालन शुरू होने में अभी कई अड़चनें हैं।

सीएचसी में स्टेट डीजी हेल्थ से रजिस्ट्रेशन, एनपीआर, मैपिंग और दवा की आईडी सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जानी बाकी हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी स्तर से अस्पताल के लिए आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों की मांग स्टेट डीजी हेल्थ को भेजी गई है। उपकरण उपलब्ध होने के बाद जांच और उपचार की सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।
* चार पद्धतियों में मिल रहा उपचार
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मुन्ना ने बताया कि ओपीडी में वर्तमान में एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी चिकित्सकीय सेवाएं संचालित हैं। यहां पहुंचने वाले मरीजों का चिकित्सकों द्वारा निरीक्षण कर आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक स्तर पर उपचार के लिए सुविधा मिलने लगी है। हालांकि गंभीर अथवा जांच की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए अभी भी दूसरे अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
* खून जांच से एक्स-रे तक की सुविधा अभी नहीं
सीएचसी में पर्याप्त चिकित्सकीय उपकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को खून की जांच, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के लिए चंदौली और चकिया भेजा जा रहा है। इससे मरीजों और उनके स्वजन को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में सभी आवश्यक जांच सुविधाएं शुरू होने से आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
* 30 शैय्या का है अस्पताल
बबुरी सीएचसी 30 शैय्या का अस्पताल है। इसके सुचारू संचालन के लिए चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त तैनाती आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल के संचालन के लिए आवश्यक उपकरण व जेनरेटर, इंवर्टर और अन्य सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में विभाग को लगातार मेल भेजे जा रहे हैं।
सीएचसी के पूर्ण संचालन को लेकर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और विधायक रमेश जायसवाल भी प्रयासरत हैं। क्षेत्रीय लोगों को उम्मीद है कि आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण, संसाधन और स्टाफ की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित होने के बाद अस्पताल में ओपीडी के साथ ही जांच, भर्ती और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी पूरी क्षमता से शुरू हो सकेंगी।
