Category: मनोरंजन

एपिसोड 2 : बनारस से दिल्ली

धारावाहिक टिकट चेक करते हुए टीटी बोला दिल्ली जा रहे हो, सुनो ट्रेन में कोई दोस्ती गांठने की कोशिश करे तो सतर्क रहना। किसी का कुछ लिया दिया खाना पीना…

धारावाहिक : बनारस से दिल्ली

एपिसोड 1 घर से सफारी के क्लोन वर्जन सोफारी अटैची में दो चार कपड़े लत्ते चारखने वाला लाल गमछा। सिबाका टॉप ब्रश मंजन और सलेक्शन की चिट्ठी के साथ निकल…

अरे बेवड़ा नाहीं, अल्कोहलिक हैं हम !!!

अपना समाज आजकल भोत शिष्ट हो चुका है।आजकल के समाज लोग शराब पीने वालों को शराबी बेवड़ा न कहकर “अल्कोहलिक” कहने लगे हैं।मने हमारे जमाने की दारू अब लिकर,ड्रिंक,अल्कोहल जैसे…

अहा ! …क्या लिख रहे हैं आजकल आईटीसेलिए !

सुब्बे-सुब्बे उठते ही मूड का मसाईमाड़ा हो जाता है। आंखे अखरोट की माफ़िक गोल और बेडौल हो जाती हैं। करेजा धुकधुका कर धुंआ फेंकने लगता है। भुजाएं फड़ककर फरक्का मेल…

बड़का साहेब हो तो का हुआ…हो तो जात से उहै न

हे हपर पुलुस हधिछक साहेब…काहे बुर्रा मान रिये हैं…हेतना जादा बुर्रा लगने का मल्लब है…अर्रे थोड़ा बर्दास्त फ़र्दास्त करो…तुम बड़का साहेब हो तो का हुआ…हो तो जात से दल्लीत ही…

किलीयर होय गवा , कोई हाक्सीजन की कमी से नहीं मरा !

एकदम ठिक्क कहा…केन्र सर्रकार ने। सच्चाई में राज्ज़ा हरीशचन्द को फेल्ल कर दिया। हाँ…वाकई कोरोना में कोई हाक्सीजन की कमी से नहीं मरा…सब जानबूझकर मरे हैं। सब मौजी सरकार से…

” जी.भे.पी. राज दरबार ” 🤪

बामुलाहिजा होशियार…जिल्ले हिलाही…भक्तिमो शान शहशांह…फेके “56” के जनक…हमबानी हडानी के अघोषित साढ़ू…पाइरेटेड टै’गोर पधार रहे हैं।(दुदुम्भी की आवाज)…पों पो पों….(खुद बैठते हुए) भाईयों बैनो…बैठ जाईये…अपने जागिए हिन्नुओं को जगाइए…देखिये… हिन्नु…