– ग्रामीणों को सचिवालय से नहीं मिल रहा आय, जाति समेत अन्य अभिलेख-मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल होने के बाद भी पंचायत भवन का निर्माण अधर में
चकिया (चंदौली): सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल ग्राम पंचायत भवन,सचिवालय ग्रामीणों की उम्मीद पर खड़ा नहीं उतर पा रहा है। भागुपुर ग्राम पंचायत कार्यालय प्रधान के बंगला में संचालित हो रहा है। पंचायत भवन में कहीं ताला लटक रहा है तो कहीं निर्माण अधर में तो कुछ धवस्तीकरण की बाट जोह रहे हैं। विकास क्षेत्र के 89 ग्राम पंचायत में 75 पंचायत में 15 से 23 लाख रुपए से पंचायत भवन, सचिवालय भवन निर्माण के लिए धन अवमुक्त हुए। भागुपुर, भषकरपुर, मैनपुर ,भलुवा बिलौरी ग्राम पंचायत का भवन जर्जर होने के बावजूद धन अवमुक्त नहीं हो सका। नतीजा 80 के दशक में बने इन गांव के पंचायत भवन अंतिम सांसें लेने लगे। ग्राम पंचायत के अनुमोदन के बावजूद ध्वतिकरण की कार्रवाई आज तक नहीं हो पाई। वहीं धन अवमुक्त होने के बावजूद लाठियां कला, डवरी कला, हेतिमपुर, कुआं में ग्राम पंचायत भवन का निर्माण अब तक पूर्ण नहीं हो सका। भागुपुर में ग्राम पंचायत कार्यालय प्रधान के बंगला में संचालित हो रहा है। बंगला में लगा बैनर व व्यवस्था को देखा जा सकता है। अहम यह कि भारी भरकम धन खर्च होने के बाद भी दिरेहूं मिनी सचिवालय , मुजफ्फरपुर ग्राम पंचायत भवन पर बराबर ताला लटका मिलता है। पंचायती राज व्यवस्था के तहत सहायक पंचायत सचिव की नियुक्ति के साथ ही सचिवालय का विद्युतीकरण कराकर इनवर्टर, कंप्यूटर, कुर्सी, बेंच समेत अभिलेख रखने की व्यवस्था निर्धारित थी। कुदरा ग्राम पंचायत भवन राजस्व गांव फत्तेपुर में है। निर्जन स्थान पर होने के कारण भवन के उपयोगिता पर ही प्रश्न चिन्ह लग गया है। 15 वर्ष पूर्व हुए निर्माण कार्य के बाद मरमत रंग रोगन करने की जहमत ग्राम पंचायत ने नहीं समझी। आरोप है कि पंचायत भवन, सचिवालय में कभी खुली बैठक नहीं होती, आवश्यक पत्रावली ग्रामीणों को आज तक उपलब्ध नहीं हो पाई हैं ।कंप्यूटर सिस्टम कहां है किसी को कोई जानकारी नहीं है।क्या कहते हैं अधिकारी—शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायत सचिवालय के निर्माण के साथ ही कंप्यूटर से आवश्यक पत्रावली व अन्य सुविधाए मुहैया कराने की सुविधा निर्धारित है। ग्राम सचिवालय में अभिलेख उपलब्ध नहीं हो पाने की शिकायत मिल रही है।सम्बन्धित सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
— विकास सिंह, खंड विकास अधिकारी- चकिया
