चंदौली। हाड़ कंपाने वाली ठंड ने बबुरी क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ठंड के प्रकोप से बचने के लिए ग्रामीण प्रशासन की ओर से अलाव जलाए जाने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते उन्हें अब खुद ही ठंड से बचने के इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। स्थिति यह है कि लोग ठंड से बचने के लिए कहीं लकड़ी, तो कहीं पुराने टायर जलाने को मजबूर हैं। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। गांव के निवासियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से ठंड ने जीना मुश्किल कर दिया है। प्रशासन ने अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की। हम अपनी जान बचाने के लिए खुद ही लकड़ी और टायर जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं।” स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वह शीघ्र ही अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि ठंड से राहत मिल सके।
