बीएचयू इतिहास विभाग के प्रवक्ता डॉ. ओंकारनाथ सिंह बताते हैं मंदिर मे विराजमान शिवलिंग ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह शिवलिंग लगभग चार हजार वर्ष पुरातन है । पुरातत्व विभाग के अन्वेषण द्वारा यह प्रमाणित किया जा चुका है कि इस मंदिर का शिवलिंग निरंतर बढ़ रहा है। जो आश्चर्य का विषय है।  

सावन के इस सोमवार हम आपको ले चलते हैं चंदौली जनपद के माटी गांव स्थित बाबा भाण्डेश्वर नाथ महादेव प्राचीन शिव मंदिर में , जहाँ  स्थित भगवान शिव का यह अद्वितीय शिवलिंग अपने आप में एक ऐसी विशेषता रखता है जिससे आस्थावानो की आस्था अत्यंत बलवती हो जाती है । मान्यता है कि बाबा भाण्डेश्वर नाथ का शिवलिंग हर वर्ष बढ़ता है।      

    श्रध्दालुओ का विश्वास है कि इस मंदिर में सम्पूर्ण आस्था व विश्वास के साथ मांगी गयी मन्नत जरूर पूरी होती है । हजारों साल पुराना यह शिवलिंग जिले भर की असीम आस्था का केन्द्र है । वैसे तो यहाँ वर्ष भर दर्शन पूजन करने वाले श्रद्धालुओं का रेला लगा रहता है, लेकिन सावन महिने और महाशिवरात्रि के दिन यहाँ की शोभा बहुत ही निराली होती है।महाशिवरात्रि के दिन भव्य मेले का आयोजन तथा शिव बारात निकाली जाती है।  कोरोना काल से पहले यहाँ सावन महिने में प्रत्येक दिन लोग जलाभिषेक के लिए सैकड़ो की संख्या में जुटते थे । हालांकि कोरोना गाइडलाइन के पालन के लिए प्रशासन ने भीड़ भाड़ न लगाने की अपील की है। इसलिए श्रद्धालु अपनी स्वेच्छा से गाइडलाइन का पालन करते हुए दर्शन पूजन कर रहे हैं। बता दे कि इसी मंदिर परिसर में साल 2020 से पुरातात्विक अवशेष मिलने का क्रम जारी है । बाबा भाण्डेश्वर नाथ मंदिर परिसर में तमाम पाषाण देवों की खण्डित प्रतिमाएं मिल रही हैं। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के द्वारा की जा रही खुदाई में गुप्तकालीन हजारों साल पुराना शिवलिंग का अर्घ्या , भगवान विष्णु के मूर्ति अवशेष,  छोटे बड़े मृदभाण्ड, पत्थर के शंख आदि मिले हैं।  

             पुरातत्व विभाग काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा खुदाई के दौरान इस मंदिर परिसर मे मिले अवशेषों को पुुुुरातत्व वैज्ञानिकों ने दो हजार वर्ष पुराना प्रमाणित किया है । बीएचयू इतिहास विभाग के प्रवक्ता डॉ. ओंकारनाथ सिंह बताते हैं मंदिर मे विराजमान शिवलिंग ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह शिवलिंग लगभग चार हजार वर्ष पुरातन है । पुरातत्व विभाग के अन्वेषण द्वारा यह प्रमाणित किया जा चुका है कि इस मंदिर का शिवलिंग निरंतर बढ़ रहा है। जो आश्चर्य का विषय है।     

        प्रासंगिक है कि पुरातत्व विभाग द्वारा मंदिर के पास के टीलों पर उत्खनन का कार्य लगातार प्रगति में हैं। अगल बगल टीलों की खुदाई में प्राप्त कई देवी देवताओं की खंडित मूर्तियां परिसर मे दर्शनीय हैं।   

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By AVP

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