
प्रशासन ने कार्रवाई से किया हाथ खड़ा
वाराणसी । शहर के सुंदरपुर डीएलडब्ल्यू रोड पर नेवादा स्थित संतुष्टि अस्पताल पर अपने ही छात्रों से धोखाधड़ी के आरोपों के बीच मेडिकल में पंजीकृत छात्र और छात्राएं अपनी मांग पर अड़े है और अस्पताल के मुख्यद्वार को बंद कर धरना दे रहे है। इस बीच स्थानीय प्रशासन का द्वारा दोनों पक्षों का मान मनौव्वल का नतीजा फेल रहा,हालांकि छात्रों ने बताया कि पुलिस ने यह कहा है कि आप लोगों की तहरीर पर कोई करवाई करने का उच्चाधिकारियों से कोई आदेश प्राप्त नही हुआ है लेकिन इस तरह से आप लोग नारेबाजी और हंगामा करेंगे तो आप सबके विरुद्ध जरूर मुकदमा दर्ज हो जाएगा ।
जब सी सी आई एम मान्यता रदद् तो एडमिशन क्यों ?
उत्तर प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में ऐसा लग रहा है कि पीड़ितों के खिलाफ ही प्रशासन मुहिम चला रही है।संतुष्टि अस्पताल से जुड़े मेडिकल छात्रों ने बताया कि अस्पताल के प्रबंधक डॉ संजय गर्ग और निदेशिका रितु गर्ग के मेडिकल कालेज की जब सी सी आई एम से मान्यता रदद् है तो फिर अस्पताल प्रबंधन ने बच्चों का एडमिशन क्यों किया ?
जिस तरह से रितु गर्ग प्रशासन को मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग की बहानेबाज़ी कर रही है ,उससे हम लोगों के एडमिशन से कोई सबन्ध नही है ,संतुष्टि अस्पताल सी सी आई एम की मान्यता रदद होने के विरुद्ध हाईकोर्ट में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एव अन्य को पार्टी बनाते हुए केस दायर किया गया है ,जिससे हम लोगो के एडमिशन का कोई सम्बन्द्ध नही है।अब सरकार किसी अन्य मेडिकल कालेज से हम सबकी एडमिशन ट्रांसफर करके हम सबकी परीक्षा प्रबन्ध करे और अस्पताल प्रबन्धन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज की जाए ताकि आगे से फिर कोई गरीब ऐसे धोखेबाजों के चंगुल में नही फंसे।
हैरान करने वाला है,शासन का रवैया
मौजूदा सरकार में डॉ रितु गर्ग की पकड़ और सत्ता की नजदीकी के आड़ में मेडिकल छात्रों से धोखाधड़ी का मामला हर साल प्रकाश में आता है , इसके बावजूद भी वाराणसी जिला प्रशासन सहित ,शासन स्तर पर न तो मामले की जांच की जाती है और न ही अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध कोई कार्यवाही की जाती है ।अब उल्टा ही पीड़ित छात्रों को ही प्रशासन द्वारा मुकदमा दर्ज करने की धमकियां दी जा रही है, अब सवाल यह है कि इन लगभग 100 मेडिकल छात्रों के खराब होते भविष्य का जिम्मेदार कौन है ,और कौन जवाब देगा ?
