
पुलिस ने रात्रि एक बजे महिलाओं की अस्मत पर फिर हाथ डालने की की कोशिश । अस्मत बचाने के लिए गांव छोड़कर महिलाएं जंगलों में छुपी ।
वाराणसी /आजमगढ़ । एक अगस्त की मध्य रात्रि एक बजे के करीब आजमगढ़ के गौधौरा गांव की दलित बस्ती में पुलिस ने एक बार फिर धावा बोला है । गांव की दलित महिलाएं और बच्चियां अपनी अस्मत बचाने के लिए गांव से दूर जंगल,खेत,झाड़ियों में छुप गई है ।पुलिस का तांडव एवं लूटपाट गोधौरा गांव में लगभग चार माह से लगातार चल रहा है । इसके बाद मामले के तुल पकड़ने पर कुछ दिन तक पुलिस खामोश रही, लेकिन एक अगस्त की मध्य रात एक बार फिर पुलिस ने करीब 150 घरों को अपना निशाना बनाया । खबर लिखे जाने तक गांव की दलित बस्ती में दहशत का माहौल है ।
देखें वीडियो में गोधौरा के दलित परिवारों की दशा
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रात्रि एक बजे जब दलित बस्ती के लोग निद्रा में थे ,तभी जहानागंज की पुलिस दर्जनो पुलिसकर्मियो के साथ गांव में पहुँच गयी और एक-एक घरो को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया । सबसे पहले गांव के वीरेंद्र राम का दरवाजा तोड़ घर के महिलाओं को घर से खींचकर जबरजस्ती बाहर अभद्रता करते ,साथ मे जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करते हुए भद्दी -भद्दी गालियां दे रहे थे। गांव के ही केदारनाथ की बेटी और दामाद अपने रिश्तेदारी में आये हुए थे उन्हें भी पुलिस द्वारा बुरी तरह मारा गया । 
गांव के ही रतिलाल का भी दरवाजा,चारपाई, कुर्सियां तोड़े और घर मे लूटपाट किए ,पुलिस ने ग्रामीणों को तो ग्रामीणों को दलितो के भैंस को भी नही छोड़ा , खूँटे पर बंधी भैसों को भी बुरी तरह पीटा गया । दहशत में गांव के लोग मध्यरात्रि में ही पलायन कर गए है । सूचना के बाद जब आजमगढ़ एस एस पी से तत्काल संपर्क किया गया तो पहले वे घटना से इनकार कर रहे थे ,इसके बाद खुद फोन करके उन्होंने बताया कि पुलिस लौट गई है ।
क्यों दलित ही बन रहे है निशाना
आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह का कार्य पूरी तरह से जाति विरोधी चल रहा है,इससे पूर्व भी आजमगढ़ के पलिया गांव में रात्रि में भी एक मामले में बुलडोजर चलवाकर दलितों के घरों को निशाना बनाया ,पुलिसिया कहर का स्तर इतना गिरा हुआ था कि महिलाओं को निर्वस्त्र करके पीटा गया और गांव के ही लगभग सैकड़ो लोगों के विरुद्ध मुकदमा भी पंजीकृत किया गया ,ख़बर के संज्ञान में आने के बाद शासन और पुलिस बैकफुट पर आई ,पीड़ित सुनीता पासवान ने खुद बताया कि डीएम और एस एस पी आजमगढ़ अब समझौते के लिए दबाव बना रहे है ।इस घटना के पूर्व भी गोधौरा गांव में आजमगढ़ पुलिस ने इस दलित बस्ती में पुलिसिया कहर ढाया था ,जिसमे लूटपाट, छेड़खानी ,नाबालिगों को जेल में रखने का भी कृत्य इनके द्वारा किया गया ।
