पति की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर महिला ने फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की
मासूम बच्चों की गुहार पर दौड़े कोतवाल, समय रहते बचाई महिला की जिंदगी
पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर शुरू की कानूनी कार्रवाई
चंदौली । सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा टल गया। जामा मस्जिद के पास रहने वाली एक मुस्लिम महिला ने पति की लगातार प्रताड़ना से तंग आकर दुपट्टे से फंदा लगाकर पंखे से लटकने की कोशिश की। लेकिन संयोगवश उसकी मासूम बेटी और बेटे की सूझबूझ तथा कोतवाल की तत्परता ने उसकी जिंदगी बचा ली। जानकारी के अनुसार, बिहार के ओकरी गांव निवासी मुहम्मद हासिम शाह की बेटी अमीना खातून की शादी वर्ष 2015 में कोतवाली गली निवासी टीपू सुल्तान से हुई थी। उनके पांच वर्षीय बेटे तौसीफ और तीन वर्षीय बेटी अनम के सामने शुक्रवार को घर में विवाद हुआ। आरोप है कि पति अक्सर नशे में पत्नी से मारपीट करता है और रोज खाने में बिरयानी बनाने की जिद करता है। इसी बात को लेकर शुक्रवार को भी विवाद हुआ और क्षुब्ध होकर अमीना ने दुपट्टे का फंदा बनाकर पंखे से लटक गई। घटना के समय बच्चों ने अपनी मां को तड़पते देखा तो तुरंत कोतवाली की ओर दौड़ पड़े। रोते-बिलखते बच्चों ने कोतवाल से गुहार लगाई। बच्चों की हालत देखकर कोतवाल अतुल प्रजापति, दरोगा दिनेश कुमार और महिला सिपाही रीमा तत्काल मौके पर पहुंचे। सौभाग्य से घर का दरवाजा खुला मिला और पुलिस ने समय रहते महिला को फंदे से उतार लिया। महिला की हालत सामान्य होने के बाद पुलिस ने उसकी तहरीर ली और पति को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई में जुट गई। बताया जा रहा है कि आरोपी पति बीते दो दिनों से बिरयानी न बनाने पर पत्नी को फावड़े से काट डालने की धमकी दे रहा था। इससे पूर्व भी वह जमीन बेचने और नशे में प्रताड़ित करने की हरकतें करता रहा है।कस्बावासियों ने कोतवाल अतुल प्रजापति और उनकी टीम की तत्परता की खुलकर सराहना की। यदि पुलिस समय पर कदम न उठाती तो एक मासूम मां की जिंदगी चली जाती और दो छोटे-छोटे बच्चों का सहारा छिन जाता। कोतवाल अतुल प्रजापति ने बताया कि पत्नी की तहरीर पर आरोपी पति के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और महिला व बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।
