बीकानेर Abhayindia.com पिछले दो सप्ताह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चीन में बच्चों में फैल रहे रहस्यमय निमोनिया जैसी बीमारी के बारे में काफी कुछ बताया जा रहा है, जो सभी अभिभावक के लिए चिंता का विषय बन गया है। वर्ष 2020 में जिस तरह कोविड ने पूरे संसार को झंझोड़ के रख दिया, क्या इस तरह यह बीमारी भी हो सकती है, ऐसा हम सभी को डर है। अभी तक चीन से जो अधिकृत समाचार आ रहे हैं उसके अनुसार प्रतिवर्ष सर्दी में हर साल की तरह माइकोप्लाज्मा, इनफ्लुएंजा, एडिनोवायरस, आरएसवी जैसे बैक्टीरिया व वायरस का प्रकोप होता ही रहता है, और इस बार ज्यादा है क्योंकि जीरो कोविड की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क का प्रयोग बंद कर दिया गया। इस साल और विगत 3 साल में एक्सपोजर नहीं होने से रोग प्रतिरोधी क्षमता का ह्रास हुआ है जिसकी वजह से इस तीव्र गति से अधिक संख्या में बीमारों की आवक हुई।

WHO के अनुसार, अभी अनुसंधान करना होगा की चीन कितना सही बता रहा है और इस सर्वोच्च एजेंसी के अनुसार सभी देशों को पूरी तैयारी रखनी है। इसके अलावा बचाव के लिए सोशल डिस्टैंस मास्क और हाईजिन के साथ-साथ सामान्य जुकाम जैसी बीमारी में भी डॉक्टर के सलाह के अनुसार अच्छी तरह इलाज करवाएं। अभी इस रहस्यमय निमोनिया में सूत्रों के अनुसार तेज बुखार सांस लेने में दिक्कत ज्यादा है न की खांसी जुकाम, और ठीक होने में समय भी लग रहा है। चूंकि यह एक महामारी की तरह उत्‍तरी चीन में बच्चों में फैला है, इसलिए हमें भी सजग होना होगा।

बचाव के लिए उपाय…

-अनावश्यक डरना बंद करें

-अफवाहों पर ध्यान न दें

-सभी आशंकाओं के निदान के लिए डॉक्टर से परामर्श लें

-दो गज दूरी, मास्क है जरूरी

-हाथों की स्वच्छता

-फ्लू, स्वाइन फ्लू और निमोनिया जैसे बीमारी का समयबद्ध टीकाकरण

-सांस में दिक्कत और बुखार होते ही निकटतम उपलब्ध क्वालिफाइड डॉक्टर को दिखाकर उचित

इलाज प्रारंभिक अवस्था में…

अगर आपके डॉक्टर को लगे की मरीज को अस्पताल में भर्ती और निगरानी की जरूरत है तो तुरंत सहमति के साथ उचित इलाज प्रारंभ करवाये। कई बार ऑक्सीजन व वेंटीलेटर जैसे जीवन रक्षक प्रणाली, उच्चतम एंटीबायोटिक व अन्य लक्षण आधारित सहायक दवाइयों की जरूरत पड़ती है जो घर  में संभव नहीं हो पाता।

क्या न करें…

-अंधविश्वास में हानिकारक घरेलू उपचार जैसे पान ब्राम्ही की गोली व अन्य घासा घुटी का प्रयोग न करें

-घर में बिना डॉक्टर की सलाह के नेबुलाइजेशन न करें

-मेडिकल स्टोर व अन्य दुकान से लक्षण बताकर अपनी मर्जी से सर्दी जुकाम बुखार की दवाई देना घातक हो सकता है।

-बुखार उतारने के लिए सबसे सुरक्षित दवाई पैरासिटामोल का ही प्रयोग करें, आइबुप्रोफेन निमेसुलाइड जैसी हानिकारक दवाई का प्रयोग कदापि न करें। तेज बुखार में गुनगुने पानी से पूरे शरीर मे पट्टी करें।

*सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे संतु निरामया*

-डा. श्याम अग्रवाल, एमडी पीडियाट्रिक्स, बाल स्वास्थ विशेषज्ञ, बीकानेर

शेयर करे

By AVP

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *