रिपोर्ट : राजीव कुमार सिंह

चन्दौली : उत्तर प्रदेश  सरकार एक तरफ निर्वाध विद्युत आपूर्ति का  दावा कर रही है, वही दूसरी तरफ विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से नए -नए तरीके से उपभोक्ताओं से अवैध का वसूली का जरिया भी ढूढ रही है।
विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत, लापरवाही और निरंकुशता से त्रस्त उपभोक्ताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग किया है ।
ऐसे होता है खेल :
नाम प्रकाशित न किए जाने की शर्त पर लोगों ने बताया कि  जनपद चन्दौली के उपकेंद्र बबुरी के जरखोर फीडर से जुड़े भटरौल गांव में क्षमता के अनुसार लगे टांसफार्मर में विभागीय कर्मचारियों एवं भटरौल गांव के बिचौलियों की मदद से अवैध कनेक्शन जोड़कर अवैध तरीके से वसूली की जाती है और यह धन दो हिस्सों में बंट जाता है पहला हिस्सा विभाग के कर्मचारियों को तथा दूसरा हिस्सा विचौलियों को दिया जाता है ,इसका प्रभाव यह पड़ता है कि गांव में लगे 63 के वी ए एवं  25 के वी ए के ट्रांसफार्मर पर क्षमता के विपरीत लोड बढ़ जाता है और आये दिन यह ट्रांसफार्मर उड़ जाता है ,फिर विभाग द्वारा उड़े ट्रांसफार्मर को कर्मचारी ,विचौलियों की मदद से चंदा लगवाकर वसूली करवाते है ।उसके बाद ही गांव में ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग के कर्मचारियों द्वारा गांव के ही कुछ लड़कों से साठ-गाँठ करके अवैध वसूली करवाया जाता है । यदि वसूली ठीक से न हुई हो तो ये लड़के खुद जाकर ट्रांसफर से लाइट बबुरी उपकेंद्र से कटवाकर ,गांव की आपूर्ति रोक देते है ,जिसका खामियाजा लंबे समय तक उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है, इस मामले को लेकर वाराणसी के एक अखबार के सह -संपादक राजीव कुमार सिंह ने जब बबुरी फीडर से जुड़े जे ई को फोन किया तो उन्होंने फोन नही उठाया ,उन्होंने यह सवाल उठाया है कि ऐसे जब उपभोक्ताओं का विभाग द्वारा ही शोषण हो तो फिर उपभोक्ता आगे इसकी शिकायत किसके करेंगे, ।सरकारी धन पर काम करने वाले कर्मचारी उपभोक्ताओं का जब इस तरह से शोषण करते है तो आगे किससे इस मामले की जांच की उम्मीद की जाय हालांकि ट्वीट के जरिये विभाग को अवगत करा दिया गया है।

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By AVP

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