Source: सरकारी ठेकेदारों के लिए बड़ी राहत की खबर है कि 31 मार्च 2023 के पूर्व के सरकारी टेंडर ठेके जो 18 दिसंबर 2020 के बाद दिए गए या एग्रीमेंट हुए और अभी भी चल रहे हैं और कार्य समाप्त नहीं हुआ है, उनमें रनिंग और फाइनल बिलों में परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की कटौती 10% के स्थान पर 3% ही की जा सकेगी। याचिकाकर्ता की ओर से राजस्थान उच्च न्यायालय में इस 3% के स्थान पर 10% की कटौती को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गई थी।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता निमेष सुथार ने बताया कि वर्ष 2022 में सरकारी विभाग के स्तर पर 127 करोड़ का टेंडर जारी किया गया था जो याचिकाकर्ता ठेकेदार ने 132 करोड़ में छुड़ाया जिसका एग्रीमेंट फरवरी 2023 में वर्क ऑर्डर जारी होने के साथ ही हुआ । नियमों के तहत ही ठेकेदार ने सरकारी विभाग को परफॉर्मेंस सिक्योरिटी 10% के स्थान पर 3% कटौती के लिए लिख कर भी दे दिया।

गौरतलब है कि कोरोना को देखते हुए भारत सरकार की ओर से नवंबर 2020 में इस बात नोटिफिकेशन जारी किया गया था व परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को 5 से 10% के स्थान पर 3% कर दिया गया व यह भी प्रावधान किया गया कि नोटिफिकेशन की दिनांक से 31.12.2021 तक के सभी टेंडर्स पर यह नियम लागू होगा जिस दिनांक को तत्पश्चात 31.03.2023 भी कर दिया गया। उसी तर्ज पर राजस्थान सरकार के वित विभाग ने भी आरटीपीपी नियमों में संशोधन करते हुए दिनांक 18.12.2020 से 31.12.2021 तक उक्त 3% परफॉर्मेंस सिक्योरिटी कटौती के प्रावधान लागू कर दिए जो बढ़ाकर दिनांक 31.03.2023 तक लागू कर दिए गए।

याचिकाकर्ता ठेकेदार फर्म ने इन नियमों के तहत 3% कटौती के तहत बिल पेश किए जिसमे सरकारी विभाग द्वारा 3% के स्थान पर 10% कटौती इस आधार पर कर ली गई कि बिल दिनांक 31.03.2023 के बाद के है और इस दिनांक के बाद के बिलों पर उक्त नोटिफिकेशन लागू नहीं है। जिससे आहत होकर याचिकाकर्ता ठेकेदार फर्म ने उक्त 10% कटौती को राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में चुनौती दी। उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता निमेष सुथार व सरकारी अधिवक्ताओं को सुनने के बाद प्रत्यर्थी सरकारी विभाग को नियमों के तहत कटौती करने के लिए याचिकाकर्ता के प्रतिवेदन को निस्तारण के आदेश पारित किए।

शेयर करे

By AVP

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *