रिपोर्ट : राजीव कुमार सिंह
वाराणसी । शरीर के किसी हिस्से पर ट्यूमर निकल आए तो वह शारीरिक कुरूपता का कारण बन जाता है । समाजिक ढांचे से वह व्यक्ति कटने लगता है। शारीरिक कुरूपता नहीं बल्कि इसे कैंसर का प्रारम्भिक रूप कहा जा सकता है । इससे निजात पाने व सफल इलाज के लिए मरीज़ दर दर भटकते हैं लेकिन सही इलाज की तलाश पूरी नही हो पाती । बनारस के मण्डलीय अस्पताल की एक युवा सर्जन इन दिनो ट्यूमर आपरेशन के लिए काफी चर्चा में हैं । हो भी क्यों ना ? जिस जटिल समस्या के लिए मरीज़ दर दर भटकते अपनी गाढ़ी कमाई लुटा देते हैं वहीं इसका सफल इलाज बनारस में सुलभ हो तो चर्चा तो होगी ही । हम बात कर रहे हैं मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा की इन एन टी सर्जन डॉ रचना सिंह की । जिन्होने एक जटिल ऑपरेशन करके 28 वर्षीय युवक की जान बचा कर मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा को गौरान्वित किया है । जिससे डॉ रचना सिंह की सर्जरी टीम सहित मरीज के परिजन भी अत्यंत खुश है ।

कैंट निवासी मरीज दीपक के कान से सटा हुआ चेहरा तक लगातार दो वर्ष से एक गांठ बन रहा था । इस बीच मरीज दीपक ने शहर के कई चिकित्सकों से अपना इलाज कराया मगर इस समस्या से निजात नही मिल पा रहा था । 16 जुलाई को थक हारकर मरीज दीपक जब कबीर चौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पहुंचे तो ई एन टी सर्जन डॉ रचना सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सबसे पहले जांच कराया , तो पता चला कि यह लार की ग्रंथि का ट्यूमर है । हैरानी की बात यह है कि इस ट्यूमर में कोई दर्द नही है । चिकित्सकीय पद्धति में इस बीमारी को पैरोटिड प्लियोमार्फिक एडिनोमा कहते है ।डॉ रचना सिंह ने बताया कि इस प्रकार के ट्यूमर का ऑपरेशन करना एक अत्यंत जटिल कार्य है ,क्योंकि ऑपरेशन के दौरान चेहरे की नस इसी लार ग्रन्थि की थैली से होकर गुजरती है यदि ट्यूमर को निकालने में जरा सी चूक हो जाय तो मरीज का चेहरा हमेशा के लिए टेढ़ा हो सकता है । लेकिन बिना किसी नुकसान के इस ट्यूमर को निकाला गया ।
ई एन टी सर्जन डॉ रचना सिंह ने आगे बताया कि शरीर के किसी भी भाग में बना ट्यूमर बाद में कैंसर का रूप ले लेता है । इसलिए सावधानी बरतते हुए इसका तत्काल उपचार शुरू कर देना चाहिए ।इससे पहले भी डॉ रचना सिंह ने जून माह में मिर्जामुराद के निवासी मनोज की ग्यारह माह की पुत्री जो कि जन्मजात मस्से के साथ पैदा हुई थी उसे भी जटिल ऑपरेशन करके निकाल दिया ।डॉ रचना सिंह के चुनौतियों भरे इस सफर में सफल आपरेशन की ‘सफल हस्ताक्षर’ बनने की शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में चर्चा है। सफल आपरेशन वाले मरीजों के परिजनों ने बताया कि बहुत भटकने के बाद अब उन्हें डॉ रचना सिंह पर यह भरोसा हो गया है । लोग जब दिल्ली ,मुंम्बई में जाकर डॉक्टर इलाज कराने की सलाह देते थे तो एक बार दिल बैठ जाता था । लेकिन सरकारी खर्चे में जब बेहतर इलाज करने वाली डॉ रचना सिंह मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा के लिए एक वरदान हैैं ।
