- कैंसर मरीज के दिल का ऑपरेशन करके निकाली प्लास्टिक की नली

वाराणसी । काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. ओमशंकर ने एक नया कीर्तिमान रचकर बी एच यू को नई सौगात दी है ।उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया कि एक मरीज जो लगभग 60 साल की एक महिला थी, वह ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थी ।इस मरीज का ऑपरेशन करने के दौरान चिकित्सकों ने एक 60-70 सेमी लंबी नली नस के अंदर डाली थी ।दवा चढ़ाने के दौरान जब उस नली को निकाला जा रहा था तो वह अंदर ही टूट गई ।टूटने के बाद जब कैंसर चिकित्सक ने सी टी स्कैन करवाया तो देखा इस नली नशों से निकलकर हृदय से होता हुआ इसका आधा भाग दायीं ओर तथा आधा भाग बाई ओर फेफड़ों में जा पहुंचा है ।

इसका आधा भाग हृदय में दोनों ओर फंसा हुआ है ।हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ ओमशंकर ने बताया कि यदि इस नली को न निकाला जाए तो उसके ऊपर खून का थक्का बन सकता है,और मरीज की जान जा सकती है इसलिए इस नली को निकालने के अलावा कोई विकल्प मौजूद नही है।नली को बाहर निकलने के केवल दो विकल्प मौजूद थे जिसमें एक ओपन हार्ट लंग सर्जरी द्वारा बड़ा आपरेशन करके नली को निकालना जिसमे मरीज के जान -जाने की संभावना प्रबल थी ,दूसरे विकल्प के रूप में मिनिमालि इंवेंसिव सर्जरी द्वारा उसको बिना किसी चीरफाड़ के सुई द्वारा बाहर निकाला जा सकता था । हालांकि ओपन सर्जरी में न सिर्फ जान जाने का खतरा होता है बल्कि वो महँगा भी होता है । कैंसर चिकित्सकों और परिवार के सदस्यों ने मरीज का ऑपरेशन मुझसे करवाने का निर्णय लिया।ये इस तरह की समस्या नहीं है जिनसे आप रोज रु-ब-रु होते हैं। पूरे जीवन काल में कभी कभार आपको ऐसी समस्याओं का सामना करना होता है। जीवन में हमेशा चैलेंजों को स्वीकार करने की मेरी प्रवृत्ति ने मुझे इस जटिल और चैलेंजिंग ऑपरेशन को करने के निर्णय में मदद की। जैसी उम्मीद थी उसी के मुताबिक ऑपरेशन काफी जटिल और चैलेंजिंग रहा। आखिरकार 3 घंटों के जद्दोजहद और लगातार प्रयास के बाद हमने सफल तरीके से बिना किसी चीरफाड़ के मरीज के हृदय और फेफड़ों से टूटी हुई नाली को बाहर निकालने में कामयाब रहा ।
डा ओमशंकर 
बी एच यू के हृदय रोग विशेषज्ञ प्रो. ओमशंकर लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आवाज उठाते रहते है । हालांकि इस ख़बर के बाद बी एच यू परिवार प्रो.ओमशंकर के इस प्रयास पर खुद को गौरान्वित महसूस कर रहा है । बी एच यू के चिकित्सा इतिहास में पहली बार ऐसा जटिल आपरेशन सफलता पूर्वक प्रो.ओमशंकर द्वारा किया गया है जो उनके शुभचिंतकों के लिए गौरव का विषय है ।
