मुजफ्फरनगर में किसानों के जत्थे के आगे जमीन छोटी पड़ी 

नई दिल्ली/लखनऊ : केंद्र सरकार और किसानों के मध्य नए कृषि कानून पर उपजा विवाद भाजपा शासित उत्तर प्रदेश के मुज्जफरनगर के जी आई सी मैदान में अब किसान महापंचायत का स्वरूप ले चुका है,दिल्ली के सिंघु बॉर्डर से अब किसानों ने उत्तर प्रदेश का रुख कर लिया है ।मुज्जफरनगर में पूर्ववत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार देश के विभिन्न राज्य पंजाब,हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से लगभग लाखों की संख्या में किसान महापंचायत में पहुंच चुके है।किसान नेता युद्धवीर ने बातचीत के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि देश में मोदी सरकार लगातार किसान विरोधी नीति को अपनाकर पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने की दृष्टि से काम कर रही है ।मौसम की थपेड़ो को सहते हुए किसान लगभग 9 महीने तक दिल्ली की सड़कों पर पड़े रहे लेकिन किसान विरोधी सरकार ने काले कृषि  कानून को वापस लेने में कोई दिलचस्पी नही दिखा रही है ।इसलिए अब किसान भाजपा का देश के किसान विरोधी नजरिए को जनता के बीच ले जाने के लिए उठ खड़े हुए है, यह महापंचायत प्रदेश भर में आयोजित की जाएगी और किसानों को एकजुट करते हुए इस लड़ाई को और मजबूत किया जाएगा ।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के उत्साह से अब किसी से न डरने वाली योगी सरकार डर रही है।किसान जब मौसम के हर थपेड़ो से लड़ सकते है तो फिर देश के राजनीति में आने वाले थपेड़ो से कैसे पीछे हट जाएंगे? केंद्र सरकार को हर हाल में नए कृषि कानून को वापस लेना होगा और किसानों के अनाज पर एम एस पी की गारंटी देनी होगी ।अपने संबोधन में राकेश टिकैत ने कहा कि गुजरात को सांप्रदायिक दंगों में झोंकने वाली राजनीतिक पार्टी को उत्तर प्रदेश में सियासी लाभ के लिए  साम्प्रदायिक हिंसा नही फैलाने दिया जाएगा ।किसान सर्वधर्म में विश्वास रखता है,इसलिए सभी धर्मों का हम सब आदर करते हुए इस साम्प्रदायिक सरकार को किसान उखाड़ फेंकने के लिए तैयार है ।
स्वराज्य इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों को कमजोर समझने वाली भाजपा सरकार इस महापंचायत को जरूर देख रही होगी ,उसे यह एहसास हो गया होगा कि किसान देश मे बदलाव के कितने मजबूत स्तम्भ है ,यह तो बदलाव की अभी शुरुआत है,आगे किसान देश का भविष्य तय करेंगे ।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुज्जफरनगर नगर में साम्प्रदायिक दंगे में खून की नदियां बहाकर सत्ता में आई पार्टी को देश और प्रदेश कभी मंजूर नही करेगा ।योगी मुख्यमंत्री नही बल्कि दंगाई टीम का हिस्सा है ।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेतृत्वकर्ता एवं समाजसेवी मेधा पाटेकर ने कहा कि केवल नोट बन्दी का श्रेय लेने वाली सरकार के लिए अब वोट बन्दी का समय आ गया है ,जिसे किसानों इस महापंचायत में उमड़े जनसैलाब के जरिये देखा जा सकता है ।किसानों के मुद्दों को हल्के में लेने वाली सरकार का आगे का सफर काफी मुश्किल से भरा हुआ रहेगा ।
पंजाब से आये किसान नेता ने कहा कि किसानों के मध्य जाति और साम्प्रदायिक भेदभाव फ़ैलाकर सत्ता में आई भाजपा का साथ देकर देश ने बड़ी चूक कर दी है ।अब उस गलती को सुधारने का वक्त आ गया है ।किसानों को मुजफ्फरनगर में  सर्व धर्म समभाव का संदेश देते हुए अब उत्तर प्रदेश से साम्प्रदायिक सियासत के खिलाफ युद्ध छेड़ना होगा और ऐसे राजनीतिक दलों का बंदोबस्त करना होगा ।
आर एल डी प्रमुख के हेलीकॉप्टर को अनुमति नही : 
उत्तर प्रदेश के मुज्जफरनगर में जीआईसी मैदान में आयोजित किसान महापंचायत में किसानों के ऊपर आर एल डी प्रमुख जयंत चौधरी द्वारा किसानों के स्वागत के लिए हेलीकॉप्टर से फूल बरसाने के उम्मीद पर प्रदेश सरकार ने पानी फेर दिया है ।जयंत चौधरी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि लगातार प्रदेश के जिम्मेदार अधिकारियों को मेरे द्वारा पत्र लिखकर किसानों पर फूल बरसाने की अनुमति मांगी गई ।लेकिन कल देर शाम को अनुमति की जगह प्रदेश सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मुझे चेतावनी नोटिस दिया गया कि आप किसानों पर फूल नही बरसायेंगे ,और हमारे हेलीकॉप्टर को स्थानीय प्रशासन द्वारा उड़ने नही दिया गया ,योगी सरकार का यह किसान विरोधी तरीका अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है ,वक्त आने पर किसान इसका भी हिसाब चुकता करेंगे ।

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By AVP

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