
वाराणसी /मुरादाबाद : वाराणसी भेलूपुर सर्किल के एसीपी चक्रपाणि त्रिपाठी के विरुद्ध कोर्ट ने एक पुराने मामले पर वारंट जारी कर दिया है,इसके साथ ही वेतन रोकने का भी कोर्ट ने आदेश दे दिया है ।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुरादाबाद जनपद के बिलारी थानाक्षेत्र के थानाध्यक्ष के पद पर 2016 में तैनात चक्रपाणि त्रिपाठी के थाना में एक वादी हरीराम ने इस आशय के साथ मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी पुत्री नीरज की उसके पति छत्रपाल ने हत्या कर दी थी ।जिसकी विवेचना उस समय के थानाप्रभारी चक्रपाणि त्रिपाठी द्वारा की गई थी ।
यह मुकदमा अपर जिला जज द्वितीय मुरादाबाद पुनीत गुप्ता की अदालत में विचाराधीन है ।मामले में कुल सात गवाहों ने अपनी गवाही दी परंतु अदालत द्वारा बार -बार समन जारी होने पर भी चक्रपाणि त्रिपाठी कोर्ट में हाजिर नही हुए ।चक्रपाणि त्रिपाठी वर्तमान समय मे वाराणसी के भेलूपुर में बतौर एसीपी कार्यरत है ।अदालत ने वारंट जारी करते हुए अगले आदेश तक वेतन रोकने का भी आदेश दे दिया है ।मामले की सुनवाई अदालत में 11 अगस्त को निर्धारित है ।
कम नही है कारनामे
एसीपी भेलूपुर चक्रपाणि त्रिपाठी के कारनामे के चर्चे पूरे शहर में है , हाल ही में बजरडीहा के रहने वाले डॉ विनोद राय द्वारा कुछ बदमाशों द्वारा रंगदारी मांगने के एक मामले में विवेचना में गड़बड़ी एवं समय से आरोप पत्र सम्बन्धित न्यायालय में न दाखिल करने का आरोप है ,और मुकदमे में बदमाशों की पैरवी के लिए भी वे सक्रिय रहे है,इसके अलावा संतुष्टि अस्पताल द्वारा अपने मेडिकल छात्रों से धोखाधड़ी के आरोप के मामले में एसीपी चक्रपाणि त्रिपाठी का वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमे पीड़ित छात्रों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की बात करते हुए वे छात्रों को धमका रहे थे ,एक मामला और सपा की महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष पूजा यादव को कुछ शरारती तत्वों द्वारा जान से मारने की धमकी के मामले में भी एसीपी मुकदमा न लिखवाने का दबाव दे रहे थे ,जिसपर सपा नेताओं के दबाव बनाने के बाद मुकदमा लिखा गया ।
