रिपोर्ट : धीरेन्द्र प्रताप सिंह
चुनार/मीरजापुर । चुनार क्षेत्र स्थित स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र वसूली केंद्र बन गया है ।आलम यह है कि कर्मचारी से लेकर प्रभारी तक मरीजों से पैसे की उगाही कर रहे है । इस मामले पर जब चिकित्सा प्रभारी से बात किया गया तो उन्होंने इस बात से इनकार किया ।जबकि एक मरीज अजय ने एक बयान जारी करते हुए राष्ट्र संदेश को बताया कि घर पर पाले गए कुत्ते ने मुझे काट लिया था । मैं नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 29 जुलाई को गया और ओपीडी पर्चा कटवाया । इसके बाद कर्मचारी द्वारा मुझसे अलग से पैसे की मांग की गई । किसी तरह मान मनौव्वल के बाद मैं जब डॉ संजीव त्रिवेदी के पास दिखाने पहुंचा तो उन्होंने मुझसे 200 रुपये अलग से सुविधा शुल्क मांगा । मेरे पास उस समय कम पैसे थे और मैने अपनी गरीबी का हवाला भी दिया, इसके बाद भी वे नही माने अंततः 150 रुपये जब दिया , तब जाकर उन्होंने मेरा इलाज शुरू किया । सरकार की ओर से मिलने वाली इंजेक्शन की पहली डोज लगाकर दूसरी डोज के लिए 1 अगस्त की तारीख दी गई । जब मैंने उक्त निर्धारित तारीख पर बताया कि उस दिन रविवार है तो उन्होंने अगली तारीख पर आने को कहा अब जब मैं उस निर्धारित तारीख के एक दिन बाद गया तो उनके द्वारा यह कहा गया कि पैसे दो तभी अगली डोज लग पाएगी । इसके लिए मुझसे पहले डोज से ज्यादा पैसे मांगे जा रहे थे । डॉ संजीव त्रिवेदी बार -बार इंजेक्शन न होने का बहाना बनाकर हमे वापस लौटा देते है। बता दे कि स्थानीय स्तर पर पड़ताल करने पर यह पता चला कि डॉ संजीव त्रिवेदी हर मरीजों से कुछ न कुछ सुविधा शुल्क खुद या दलालों के माध्यम से वसूली करवाते है । कई मरीज डर के मारे कुछ बोल भी नही पाते । वहीं मामले पर उच्च अधिकारी कोई कारवाई नही कर रहे है । क्षेत्र में सरकारी योजनाओं पर धनउगाही को लेकर लोगों में रोष है ।
