अशोका इंस्टीट्यूट में मलेशिया में डेलाइट कंपनी के सीनियर कंसलटेंट वरुण कुमार का संबोधन ।क्लाउड ने प्लेसमेंट को दी है नई रफ्तार, युवाओं  के सिर चढ़कर बोलने लगा नई तकनीक का जादू

वाराणसी। मलेशिया में डेलाइट कंपनी के सीनियर कंसलटेंट एंड एपीएन एंबेस्डर वरुण कुमार मानिक ने कहा है कि सूचना तकनीक के क्षेत्र में क्लाउड कंप्यूटिंग ने युवाओं के लिए नौकरियों का नया गलियारा खोला है और प्लेसमेंट के अवसर को तेज रफ्तार दी है। इसीलिए क्लाउड कंप्यूटिंग का जादू हर किसी के सिर चढ़कर बोलकर रहा है। यह ऐसी तकनीक है जिसमें कंप्यूटिंग,  डेटा ऐक्सेस से लेकर डेटा स्टोर का तक का सारा काम नेटवर्क पर ही होता है। यह तकनीक न सिर्फ कॉर्पोरेट ढांचे को बल दे रही है, बल्कि युवा पीढ़ी से सामंजस्य बैठाने में मदद दे रही है।श्री मानिक शुक्रवार को अशोका इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी एंड मैनेजमेंट के स्टूडेंट्स और शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय इंडस्ट्रियल गेस्ट लेक्चर के रूप में संबोधित कर रहे थे। आनलाइन आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आभासी दुनिया इतनी तेज़ी से बदल रही है कि हमारी बड़ी आईटी योजनाएं शुरू होने से पहले ही पुरानी पड़ जा रही हैं। ऐसे में क्लाउड कंप्यूटिंग मील का पत्थर साबित हो रही है। इसके उपयोग से हम कहीं पर और कभी भी अपने लैपटॉप, विंडोज मोबाइल द्वारा क्लाउड पर स्टोर हुए डेटा को ऑनलाइन एक्सेस कर सकते हैं। प्रयोगकर्ता को न स्टोरेज डिवाइस की चिंता होती है और न ही मंहगे सॉफ्टवेयर खरीदने की। इसके जरिए कंप्यूटर पर वायरस की वजह से डेटा को होने वाले नुकसान से भी बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि नए दौर में क्लाउड कंप्यूटिंग के उपयोग से उन कंपनियों की तस्वीर बदल गई है, जो अपना सारा काम ऑनलाइन करती हैं। इसके उपयोग से उन्हें लंबा-चौड़ा आईटी विभाग बनाने से मुक्ति मिल गई है, जिसकी वजह से उनके खर्चों में जबरदस्त कमी आई है। क्लाउड कंप्यूटिंग ने कारपोरेट कंपनियों में काम करने के तरीकों को न सिर्फ बदला है, बल्कि उसे आसान और सुविधाजनक बना दिया है। क्लाउड प्रदाता कंपनियां प्रयोगकर्ताओं को पुख्ता भरोसा दिला रही है कि उनका डाटा पूरी तरह सुरक्षित है, जिसमें किसी भी दशा में सेंध नहीं लगाया जा सकता है। क्लाउड प्रदाता कंपनियां डेटा की कई प्रतियां बनाकर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर मौजूद सर्वर्स पर रखती हैं, जिससे किसी संकट के समय एक सर्वर के ख़राब अथवा बंद हो जाने पर प्रयोगकर्ता को उपलब्ध करा देती हैं।कंप्यूटर के महारथी वरुण कुमार मानिक ने यह जानकारी दी कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने हाल ही में एक महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘जीआई क्लाउड’ शुरू किया है, जिसे ‘मेघराज’ नाम दिया गया है। क्लाउड कंप्यूटिंग के जरिए अब ई-लर्निंग काफी सुविधाजनक और आसान हो गई है। स्टूडेंट्स अगर आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस एंड क्लाउड कंप्यूटिंग पर काम शुरू करें तो उनका भविष्य उज्जवल हो सकता है। इससे न केवल सूचना प्रौद्योगिकी का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा, बल्कि ई-प्रशासन सेवाओं को भी तेजी से उपलब्ध कराया जा सकेगा। आने वाले समय में क्लाउड कंप्यूटिंग बेस्ड ऍप्लिकेशन का तेजी लसे विस्तार होने की उम्मीद है।श्री मानिक ने एक डेमो दिखाया, जिसमें क्लाउड तकनीक के जरिए एक भाषा को दूसरी भाषा में कैसे परिवर्तित किया जा सकता है। क्रिप्टो करेंसी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इससे संबंधित प्रोजेक्ट पर स्टूडेंट्स काम करें तो प्लेसमेंट में उन्हें काफी मदद मिल सकती है। अमेजन समेत कई क्लाउड प्रदाता कंपनियों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि नए दौर में नई तकनीक ही स्टूडेंट्स के भविष्य को संवार सकती है। वैश्विक बीमारी कोरोना ने भले ही नौकरियों का दायरा छोटा किया है, इसके बावजूद क्लाउड कंप्यूटिंग में दखल रखने वाले इंजीनियर्स की समूची दुनिया में जबर्दस्त डिमांड है। मानिक ने क्लाउड कंप्यूटिंग पर आनलाइन सर्टिफीकेशन कोर्स कराने पर जोर दिया और कहा कि इससे स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट में मदद मिलेगी।इस कार्यक्रम में करीब दो सौ स्टूडेंट्स शामिल हुए। अशोका इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर डा.सारिका श्रीवास्तव और कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष इंजी.अरविंद कुमार ने कहा कि इस तरह के इवेंट स्टूडेंट्स की शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाते हैं। कार्यक्रम का संचालन कंप्यूटर साइंस विभाग की प्रोफेसर डा.वंदना दूबे ने किया। इसी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा.प्रीति कुमारी ने आनलाइन गेस्ट लेक्चर में शामिल टीचर्स का आभार व्यक्त किया।

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By AVP

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