Category: मनोरंजन

अरे बेवड़ा नाहीं, अल्कोहलिक हैं हम !!!

अपना समाज आजकल भोत शिष्ट हो चुका है।आजकल के समाज लोग शराब पीने वालों को शराबी बेवड़ा न कहकर “अल्कोहलिक” कहने लगे हैं।मने हमारे जमाने की दारू अब लिकर,ड्रिंक,अल्कोहल जैसे…

अहा ! …क्या लिख रहे हैं आजकल आईटीसेलिए !

सुब्बे-सुब्बे उठते ही मूड का मसाईमाड़ा हो जाता है। आंखे अखरोट की माफ़िक गोल और बेडौल हो जाती हैं। करेजा धुकधुका कर धुंआ फेंकने लगता है। भुजाएं फड़ककर फरक्का मेल…

बड़का साहेब हो तो का हुआ…हो तो जात से उहै न

हे हपर पुलुस हधिछक साहेब…काहे बुर्रा मान रिये हैं…हेतना जादा बुर्रा लगने का मल्लब है…अर्रे थोड़ा बर्दास्त फ़र्दास्त करो…तुम बड़का साहेब हो तो का हुआ…हो तो जात से दल्लीत ही…

किलीयर होय गवा , कोई हाक्सीजन की कमी से नहीं मरा !

एकदम ठिक्क कहा…केन्र सर्रकार ने। सच्चाई में राज्ज़ा हरीशचन्द को फेल्ल कर दिया। हाँ…वाकई कोरोना में कोई हाक्सीजन की कमी से नहीं मरा…सब जानबूझकर मरे हैं। सब मौजी सरकार से…

” जी.भे.पी. राज दरबार ” 🤪

बामुलाहिजा होशियार…जिल्ले हिलाही…भक्तिमो शान शहशांह…फेके “56” के जनक…हमबानी हडानी के अघोषित साढ़ू…पाइरेटेड टै’गोर पधार रहे हैं।(दुदुम्भी की आवाज)…पों पो पों….(खुद बैठते हुए) भाईयों बैनो…बैठ जाईये…अपने जागिए हिन्नुओं को जगाइए…देखिये… हिन्नु…