Bikaner. Abhayindia.com सरकारी मेडिकल कॉलेज चिकित्सक शिक्षक संघ राजस्थान के बीकानेर शाखा के समन्वयक डॉ. बीके गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य सरकार से मांगों के परीक्षण के लिए एक माह पहले उच्च अधिकारियों गठित समिति एवं ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बीच बनी सहमति पर वित्त विभाग द्वारा कमेटी की मांग को आदर्श आचार संहिता लागू होने से पूर्व लागू करने पूरा करने के लिए कहा है।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी की प्रमुख मांगे…
- पदौन्नति : चिकित्सक शिक्षकों के प्रमोशन एनएमसी गाइडलाइंस के अनुसार होने चाहिए। (ब्रॉड स्पेशियलिटी में 4, 3, 4 साल और सुपर स्पेशियलिटी में 2, 3, 4 साल)। राज्य की सभी राजमेस मेडिकल कॉलेज में पूर्व से ही लागू है।
- वरिष्ठ प्रदर्शक : एनएमसी ने यह पद समाप्त कर दिया है अतः RPSC से चयनित वरिष्ठ प्रदर्शक जो कि NMC गाइडलाइन अनुसार सहायक आचार्य पद की योग्यता रखते हो को एक साथ नवीन पद सृजित कर सहायक आचार्य के पदोन्नति दिलवाने का श्रम करें। चिकित्सा अधिकारियो की तर्ज पर सभी वरिष्ठ प्रदर्शकों 6, 12 व 18 वर्ष के सेवाकाल पर वेतन बढ़ोतरी का लाभ दिया जाये।
- परामर्श शुल्क को बढ़ाया जाए : परामर्श शुल्क को बढ़ाने के लिए पिछले वर्षों में सरकार ने दो कमेटी गठित की है और दोनों ही कमेटी ने परामर्श शुल्क बढ़ाने की अनुशंसा की थी। परामर्श शुल्क वर्ष 2011 में तय किया गया था उसके बाद सातवें वेतनमान में सभी के वेतन में लगभग ढाई गुना वृद्धि हुई, महंगाई भी वर्ष 2011 से अभी लगभग तीन गुना हो गई है और हाल ही में RGHS रोगियों के लिए सरकार ने विशेषज्ञ का परामर्श शुल्क 350 रु कर दिया है। इसलिए सहायक आचार्य 200/, सह आचार्य 300, आचार्य 400 /, वरिष्ठ आचार्य 500 / रु परामर्श शुल्क किया जाये।
- सातवें वेतन आयोग में pay fixation में NPA लेने और नहीं लेने वाले समकक्ष चिकित्सक शिक्षकों के इस सम्बन्ध में राजस्थान सिविल अपील अधिकारण जयपुर अपील संख्या 731/ 2020 में पारित निर्णय दिनांक 16.08.2021 के अनुसार मूल वेतन समान करने का आदेश दिया गया था।
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य बीच मूल वेतन में उत्पन्न हुई विसंगति को pay stepping से दूर किया जाये। विभाग ने इस निर्णय के विरुद्ध उच्च न्यायलय राजस्थान में अपील दायर की हैं (पत्र संलग्न हैं) इसी सम्बन्ध में खेमचंद सेवानिवृत आईएएस की अध्यक्षता में गठित वेतन विसंगति समिति ने हमारा पक्ष सुनने के लिए दिनांक 04.04.2023 को वित्त भवन में बैठक ली थी और हमारी इस मांग को जायज माना था। इसलिए इस सम्बन्ध में निवेदन है कि सरकार समकक्ष चिकित्सकों का मूल वेतन pay stepping से समान करें।
- वर्ष 2014 से 2018 के बीच प्रमोशन की प्रभावी दिनांक से देय भुगतान दिया जाये कांफ्रेंस में और विदेश जाने की अनुमति तथा पुनर्भरण : कांफ्रेंस में जाने की अनुमति तथा पुनर्भरण के लिए दिनांक 02.04.2012 को जारी पत्र के बिंदु संख्या 2 में आयु को 58 वर्ष से बढ़ाते हुए अन्य बिंदुओं का सरलीकरण किया जाये। विदेश जाने की अनुमति प्राचार्य मेडीकल कॉलेज स्तर पर जारी हो।
- अकेडमिक, हाई रिस्क एवं टेलीफ़ोन एलाउंस अकेडमिक एलाउंस मई 1989 में तय किया गया था इसलिए रिवीजन किया जाए। (मिनिमम 10% ऑफ बेसिक पे अथवा DA से अटैच किया जाए)। हाई रिस्क एलाउंस शुरू किया जाए और टेलीफोन राशि बिना बिल के प्रस्तुत किये दिया जाए।
- एनएमसी निरीक्षण के लिए राजमेस कॉलेज के लिए किये जाने वाले ट्रांसफर बंद किए जाए।
- राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सर्विसेज का पृथक कैडर सृजन किया जाए। DG ME और निदेशक के पद पर वरिष्ठ चिकित्सक शिक्षक को लगाया जाए।
- सीनियर प्रोफेसर के बाद एक और प्रमोशन Higher Administrative Grade पद (ग्रेड पे 12500) का सृजन किया जाए।
