
सामाजिक कार्यकर्ती ‘श्रुति नागवंशी ‘को मिला ‘पब्लिक पीस प्राइज’
वाराणसी : अंतराष्ट्रीय शांति दिवस 2020-21 के अवसर पर मानवाधिकार, महिला अधिकारों,बाल अधिकार एवं शांति के क्षेत्र में लेखन ,रंगमंच द्वारा समाज को जागरूक करने वाली बनारस की बेटी एवं सामाजिक कार्यकर्ती श्रुति नागवंशी को दुनिया भर की 9 लोगों की सूची में से भारत एकमात्र महिला सामाजिक कार्यकर्ती के रूप में “पब्लिक पीस प्राइज “सम्मान मिला है ।इस पुरस्कार के लिए भारत से दो सदस्यों का चयन किया गया था , इस सम्मान के लिए श्रुति नागवंशी ने भारत की इकलौती महिला के रूप में प्रतिनिधित्व करके देश को गौरान्वित किया है ।इस पुरस्कार से देश के साथ -साथ बनारस का नाम भी विश्व पटल पर श्रेष्ठतम सूची में अंकित हो गया है ।
“पब्लिक पीस प्राइज “दुनिया का एकमात्र ऐसा सम्मान है ,जो शांति के लिए काम करने वालों पर केंद्रित है ।यह पुरस्कार जनता द्वारा ही प्रस्तावित और मंजूर किया जाता हैं।
कोरोना महामारी के दौरान कई अनिश्चितताओं के बीच समीक्षा के बाद अन्ततः इस पुरस्कार की घोषणा कर दी गई ,जिसमें स्थानीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए कुल 9 सदस्यों का चयन किया गया है ।ये सभी सदस्य कनाडा ,कांगो, कोलंबिया, भारत, लोकतांत्रिक गणराज्य और पाकिस्तान से है।
श्रुति नागवंशी देश मे लगातार महिला और बाल अधिकारों के लिए काम कर रही है ,इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रो के वंचित समूह के महिलाओं के न्याय एवं सम्मान के लिए के लिए वे संघर्षरत रहती है ।मानवाधिकार के लिए काम करने वाली समिति ,जननिगरानी समिति (पीवीसीएचआर) की संस्थापक सदस्यों में से श्रुति नागवंशी सावित्री बाई फुले महिला पंचायत की संस्थापक है ।वे महिलाओं के लिए सामाजिक समानता एवं आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर लगातार कई क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करते हुए कार्य कर रही है ।उनका मानना है कि सभी मानव जीवन और उनके सम्मान के लिए लोककल्याणकारी कार्य आवश्यक है ,और उन्हें जागरूक करते हुए,दृढ़ विश्वास के साथ स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए ।इस प्रयास से उन्हें गरिमामयी जीवन,शांति,सामाजिक न्याय,आर्थिक समानता के लिए तथा सांस्कृतिक हिंसा के विरुद्ध लड़कर उन्हें गरिमायुक्त जीवन दिलाने का प्रयत्न करना चाहिए । देश की इस उपलब्धि के लिए लोगों ने उन्हें बधाई दिया ।
