- आजमगढ़ के पलिया मामले पर पीड़िता सुनीता पासवान ने जिला प्रशासन पर लगाया आरोप

वाराणसी/ आजमगढ़ : पुलिसिया तांडव और बर्बरता की शिकार आजमगढ़ की पलिया गांव की सुनीता पासवान ने मंगलवार को दो वीडियो जारी किए और एलान किया कि सरकार उसे न्याय नही दिलाई तो वह फांसी लगा लेंगी ।सुनीता का कहना है कि उनके घर पर बालू और सीमेंट की चंद बोरिया गिराकर हमारे बदन के जख्मो पर प्रशासन नमक छिड़क रहा है । उन्होंने आगे कहा कि यहाँ कोई धरना वरना यहाँ से नही हटाया गया है,हमारे साथ छल कपट किया जा रहा है ।
न ही हमारे तरफ से कोई केस दर्ज हुआ है और न ही हमारे परिवार पर लगे केस को हटाया जा रहा है । इसमें बहुत बड़ी साजिश हो रही है । आप लोग मलबा हटाइए ,जिला प्रशासन द्वारा चंद बोरी सीमेंट और बालू रखकर मामले को दबाने के लिए कहा जा रहा है, कि हम लोग आपका घर बनवाने जा रहे है ,आपकी मदद करेंगे मगर अब तक न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही इसका कोई ठोस कागज (प्रमाण) दिया गया है ।जब तक हमको न्याय पूरी तरह से नही मिलेगा हम इसी तरह धरने पर बैठे रहेंगे,हम फांसी लगा लेंगे ,हम इसी तरह डटे रहेंगे,सर आप लोग आप लोग हमारी मदद कीजिए साथ दीजिये हमारे साथ बहुत बड़ी गद्दारी हो रही है ,हमारे साथ छल कपट हो रहा है, हमारे घर में पानी नही है,हम 10 -12 दिन से बाहर खा रहे है ,बाहर सो रहे है ,आंखों में हमारी नींद नही है,प्रशासन एक हफ्ते का टाइम मांगा था वे कह रहे है कि हम इधर -उधर कर रहे है ,दोषियों को हटा रहे है ,मगर हम उनकी करवाई से संतुष्ट नही है दोषियों को बर्खास्त किया जाय उनके ऊपर सरकार द्वारा कानूनी की जाय अन्यथा हम फांसी लगा लेंगे ।
हाथ जोड़कर निवेदन कर रही हूं भाइयों,आपका हमको सपोर्ट चाहिए आप लोग हमको न्याय दिलाइये डी एम ,एस पी सबको बर्खास्त किया जाय ,जब ये हमारे घरों पर बुलडोजर चलवाये,एक दो बोरी सीमेंट गिराने से ये हमारी मान मर्यादा क्या वापस करेंगे,क्या -क्या वापस करेंगे ,जो तार -तार किये है क्या वे लौटा पाएंगे ,हमारे 15 -15 साल के बच्चों पर गंभीर धाराएँ लगाए है ,उसको नही हटाए केवल झूठा आश्वासन देकर हमको गुमराह किया जा रहा है ।यहाँ वहाँ ट्रांसफर कर रहे है,इनको हटा रहे है उनको हटा रहे है ये केवल लीपापोती चल रही है ,डी एम और एस पी हमारे ऊपर दबाव दे रहे है कि मलबा हटाइए तो हम घर आएंगे,ऐसे हम नही आएंगे नही तो शर्म आएगी,हमारा सारा सामान इसी तरह बिखरा पड़ा है ,हमारा खाना-पीना और पानी का कोई प्रबंध नही हो रहा है,हमारे तरफ से कोई ठोस करवाई नही की जा रही है ,प्रशासन गद्दारी कर रही है ।
ये वेदना आजमगढ़ की पलिया की पुलिसिया तांडव की अपने परिवार सहित शिकार सुनीता पासवान का है,राष्ट्र संदेश से बात करते हुए सुनीता पासवान एक बार फिर फूट-फूट कर रो पड़ी ।उनका आरोप है कि जिला प्रशासन हमारे साथ गद्दारी कर रहा है,आप लोग हमारी मदद कीजिये सर ,डी एम ,एस पी हमारे दबाव बना रहे है,हमारी इज्जत क्या दो बोरी सीमेंट और बालू से लौटाएंगे ।
यह पीड़ा सुनकर किसी का भी कलेजा कैसे न फट जाए,आजमगढ़ के पलिया गांव में पुलिस कप्तान के पलिया में 29 जून से 2 जुलाई तक पुलिसिया जुल्म की शिकार सुनीता का परिवार आज भी सहमा हुआ है,जख्म भरे ही नही कि डी एम और कप्तान गांव भी अपने पुलिसिया तांडव से छिपाते फिर रहे है ,सुनीता ने बात -चीत के दौरान यह भी बताया कि रात में डी एम और एस पी अपनी पुलिस के साथ आकर गांव के बुजुर्गों से जबरजस्ती पेपर पर अंगूठा और हस्ताक्षर करवा रहे है ताकि मामले पर लिपापोती करने में उनके लिए आसान हो जाए ।
तो क्या हमारी अस्मत का सौदा अब पुरूष करेंगे …
सुनीता ने राष्ट्र संदेश से बात करते हुए पितृसत्तात्मक समाज की सोच पर बड़ा प्रहार कर दिया जो मन को पूरी तरह विचलित कर दिया।सुनीता ने कहा कि जिस पीड़ा से गुजर रही हूं ,उसका सौदा अब पुरूष कर रहे है,उन्होंने वह सवाल छोड़ दिया जिसकी कल्पना शायद समाज की रूढ़िवादी सोच पर एक बड़ा प्रहार है ,उन्होंने कहा कि क्या अब हमारी इज्जत का सौदा जिला प्रशासन करेगी ,वो क्या हमारा लौटा पाएंगे सर जब तक डी एम और एस पी को सरकार बर्खास्त करके जेल नही भेजेगी हमारे मन की यह आग जीवन भर जलती रहेगी ।
