जयपुर Abhayindia.com राजस्थान विधासनभा चुनाव-2023 में भाजपा को स्‍पष्‍ट बहुमत मिलने के बाद अब मुख्‍यमंत्री पद को लेकर घमासान तेज हो रहा है। इस बीच, पूर्व मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे का बड़ा बयान सामने आया है। उन्‍होंने कहा है कि मैं पार्टी की अनुशासित कार्यकर्ता हूँ, पार्टी लाईन के बाहर नहीं जा सकती। आपको बता दें कि बीते 24 घंटे में केवल राजे ही नहीं, बल्कि उनके समर्थक विधायकों के सुर भी बदले हुए नजर आ रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वसुंधरा के समर्थक विधायकों को पार्टी आलाकमान की ओर से कोई कड़ा संदेश मिला है। उसके बाद उनका मिजाज अचानक बदल गया। अब ये विधायक कहने लगे हैं कि जो पार्टी नेतृत्व तय करेगा, हम उस चेहरे के साथ हैं।

चुनाव परिणाम के आने के बाद सबसे पहले वसुंधरा राजे को सीएम बनाएं जाने की पुरजोर मांग वैर विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायक बहादुर सिंह कोली ने उठाई। उन्होंने कहा कि जनता की भी यही मांग है कि राजस्थान में वसुंधरा राजे को मुख्‍यमंत्री बनाया जाए। हम सब भी यही चाहते हैं। हम लोग भी कहेंगें कि राजस्थान की मुख्‍यमंत्री वसुंधरा बनें। इसके बाद कई विधायकों ने भी राजे को सीएम बनाए जाने की मांग की है। लेकिन, जब एक न्यूज़ चैनल ने कोली से इंटरव्यू के दौरान सवाल पूछा कि आपने वसुंधरा राजे को सीएम बनाए जाने की मांग उठाई तो, इस पर कोली मुस्कराते हुए नो कमेंट्स कहकर जवाब दिया। इस पर रिपोर्टर ने पूछा कि आपने यह बात कही तो थी। विधायकों ने भी कहा कि हां, मैंने यह बात कही थी। जब उनसे पूछा गया कि क्‍या आपने कोई रणनीति बदल ली है, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कोई रणनीति नहीं बदली है। कुल मिलाकर कोली के इस इंटरव्यू से यही प्रतीत हो रहा है कि कोली अब इस पचड़े से पिंड छुड़वाना चाह रहे हैं। इस दौरान कोली सवालों पर मुस्कराते हुए बचते नजर आएं।

इसी तरह कांमा की नवनिर्वाचित विधायक नौक्षम चौधरी भी वसुंधरा राजे से मुलाकात करने आईं। मुलाकात करने के बाद एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह वसुंधरा राजे से मुलाकात करने आई हैं और उन्हें जीत की बधाई दी है। जब सीएम के सवाल को लेकर पूछा गया तो, उन्होंने कहा कि वह उन्हीं के साथ हैं, जो पार्टी तय करेगी।

जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा से पूछा गया तो, उन्होंने बताया कि राजस्थान की भी मांग है और मेवाड़ संभाग की भी मांग है कि वसुंधरा राजे सीएम बने। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि वह भी यही चाहते हैं। वहीं जब उनसे पूछा कि अगर पार्टी ने किसी और को सीएम बनाया तो, इस पर गोपीचंद ने कहा फिर जो पार्टी तय करेगी, हम उनके साथ हैं। चुनाव परिणाम के बाद वसुंधरा राजे अपने समर्थक विधायकों को एकजुट कर साधने की कोशिश में लगी हुई है।

आपको बता दें कि बीते दिनों से वसुंधरा राजे लगातार समर्थक विधायकों को फोन कर उनसे संपर्क बढ़ा रही हैं। वहीं, कुछ विधायक वसुंधरा राजे से उनके निवास पर मिलने भी पहुंचे। इस घटनाक्रम को लेकर पार्टी हाई कमान की भी नजर बनी हुई है। उधर, वसुंधरा समर्थक विधायकों की ओर से सीएम की मांग के बाद पार्टी ने भी हरकत दिखाई। दिल्ली से लौटने के बाद प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह जयपुर पहुंचे, जहां उन्होंने विधायकों से मुलाकात की। इसके बाद वसुंधरा के कुछ समर्थक विधायकों के सुर अचानक बदल गए। चर्चा हैं कि पार्टी ने उन्हें कोई सख्‍त निर्देश दिए हैं।

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By AVP

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