Bikaner. Abhayindia.com हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कपिल मुनि धाम कोलायत से कांवड़िये कांवड़ लेकर बीकानेर पहुंच रहे हैं। भगत सिंह यूथ क्लब के योगेश पुरोहित [पिन्टू] ने बताया कि कोलायत से बीकानेर तक की कांवड़ यात्रा सोमवार को बीकानेर पहुंच जाएंगी। यहां पहुंचने पर गोपेश्‍वर बस्‍ती स्थित श्रीगोपेश्वर महादेव जी मंदिर में कांवड़ियों द्वारा जल चढाया जाएगा।

आपको बता दें कि कंधे पर गंगाजल लेकर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों पर चढ़ाने की परंपरा, कांवड़ यात्रा कहलाती है। कहते हैं यह भक्तों को भगवान से जोड़ती है। महादेव को प्रसन्न कर मनोवांछित फल पाने के लिए कई उपायों में एक उपाय कांवड़ यात्रा भी है, जिसे शिव को प्रसन्न करने का सहज मार्ग माना गया है।

मान्‍यता है कि भोले नाथ कांवर से गंगाजल चढ़ाने से सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं। मान्यता यह भी है कि जब समुद्रमंथन के बाद 14 रत्नों में विष भी निकला था और भोलेनाथ ने उस विष का पान करके दुनिया की रक्षा की थी। विषपान करने से उनका कंठ नीला पड़ गया और कहते हैं इसी विष के प्रकोप को कम करने के लिए, उसे ठंडा करने के लिए शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाता है और इस जलाभिषेक से शिव प्रसन्न होकर आपकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

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By AVP

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