Bikaner Abhayindia.com महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU) ओल्ड पेंशन संयुक्त संघर्ष समिति, के तत्वावधान आज दिनांक 02 अगस्त, 2023 को विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने 02 घण्टे का कार्य बहिष्कार कर राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान विश्वविद्यालय कार्मिकों के लिए भी बिना अंशदान जमा कर पुरानी पेंशन लागू करने के मांग की।

संयुक्त समिति के सह संयोजक डाॅ. आनन्दी लाल गढवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा आदेश जारी कर समस्त विश्वविद्यालय एवं स्वायतशाषी संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे सी.पी.एफ./ई.पी.एफ./एन.पी.एस. में जमा नियोक्ता का अंशदान निर्धारित समयावधि में ब्याज सहित राशि विश्वविद्यालय द्वारा संधारित पेंशन कोष में जमा कराने पर ही विश्वविद्यालय एवं स्वायतशाषी संस्थानों के कार्मिकों को ओपीएस का लाभ देय होगा जबकि राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए इस प्रकार कोई शर्त निर्धारित नहीं की गई है। राज्य सरकार के इस कदम से यह प्रतीत होता है कि राज्य सरकार द्वारा स्वायतशाषी कार्मिक के लिए भेदभाव की नीति अपनाई जा रही है।

डाॅ. गढ़वाल ने बताया कि विश्वविद्यालय कार्मिकों का पेंशन अंशदान केन्द्र सरकार में राज्य सरकार की अनुशंसा पर ही एन.पी.एस. में जमा है। ऐसी स्थिति में कर्मचारी द्वारा एन.वी.एस. की राशि आहरित कर पेंशन निधि में जमा करवाया जाना संभव नही है। इसी विषय को लेकर राज्यव्यापी आन्दोलन की कड़ी में आज महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने दो घण्टे कार्य बहिष्कार कर राज्य सरकार के खिलाफ शांति मार्च निकाला गया तथा विश्वविद्यालय परिसर में महात्मा गांधी स्मारक पर भजन गाकर विरोध प्रदर्शन किया।

डाॅ. गढवाल ने बताया कि यदि सरकार समय रहते उक्त आदेशों को वापस नहीं लेगी तो विश्वविद्यालय कार्मिक अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। आज शांति मार्च में डाॅ. बिट्ठल बिस्सा, डाॅ. गिरिराज हर्ष, डाॅ. प्रकाश सारण, डाॅ. गौतम मेघवंशी, डाॅ. अनिल दुलार, डाॅ. अभिषेक वशिष्ठ, डाॅ. प्रभुदान चारण, डाॅ. सुरेन्द्र कुमार गोदारा, डाॅ. यशवंत गहलोत, निर्मल भार्गव सहित विश्वविद्यालय के ओल्ड पेशन संयुक्त संघर्ष समिति पदाधिकारी सहित कर्मचारी उपस्थित रहे।

शेयर करे

By AVP

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *