ठेकेदार और पूर्व प्रधान की मिलीभगत से अधूरा पड़ा है पाइप बिछाने का काम । ट्यूबवेल के पास ही दर्जनों खेतों में फटी हैं दरारें, सूख रही फसल । वर्तमान ग्राम प्रधान ने लगाई डीएम से गुहार

चंदौली । पर्याप्त मात्रा में बरसात न होने के कारण जहाँ एक तरफ जनपद में सूखे की स्थिति बनी हुई है वहीं कई गांवो में सिंचाई के साधन मौजूद होने के बाद भी धान की फसल सूख रही है । हम बात कर रहे हैं क्षेत्र के परनपुरा गांव के सिवान में लगे एक ट्यूबवेल की, जहाँ ट्यूबवेल से चंद कदम की दूरी पर धान की फसल रोपी खेतों में दरारें फटी हुई है । ऐसा नहीं है कि ट्यूबवेल खराब है या चलता नहीं है । दरअसल ट्यूबबेल निर्माण के समय ही ग्राम प्रधान, अधिकारियों तथा ठेकेदारों की मिलीभगत से अनियमितता का वह खेल खेला गया है, जिससे किसानों को ट्यूबेल का लाभ नहीं मिल पा रहा है । ट्यूबेल से लगायत खेतों तक ट्यूबेल की सिंचित भूमि का क्षेत्र 12 सौ मीटर है ।

लेकिन ठेकेदारों द्वारा 600 मीटर पाइप बिछाकर, बाकी गड्ढे खोदकर छोड़ दिया गया है जिससे किसान सिंचाई से पूरी तरह वंचित हैं।  दशा यह है कि खेतों में रोपाई तो हुई है लेकिन मिट्टी सूख कर पपड़ी में तब्दील हो रही है ।दर्जनों खेतों में दरारें पड़ी हुई है और फसल खड़े-खड़े सूख रही है । ग्राम प्रधान और किसानों ने कई बार इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की लेकिन अभी तक इसका कोई भी निराकरण नहीं हो पाया है । थक हार कर ग्राम प्रधान निशा देवी ने अपनी गुहार जिलाधिकारी से लगाई है । अपनी शिकायत में ग्राम प्रधान निशा देवी ने बताया है कि सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद पूर्व ग्राम प्रधान ने अपनी निजी जमीन में ट्यूबवेल लगवाया है ।जहां आने जाने के लिए ना तो रास्ता है न हीं नाली बनाने के लिए पर्याप्त जमीन है । अपनी शिकायत में ग्राम प्रधान ने कहा है कि पूर्व प्रधान ने अपने जमीन में चार कुलावा लगाया है जो न्याय संगत नहीं है । निशा देवी ने लिखा है कि इसकी शिकायत विभाग के अधिशासी अभियंता से कई बार कर चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई ।

ट्यूबवेल के पास दर्जनों खेत सूखे की मार झेल रहे हैं लेकिन ट्यूबवेल के पानी से सिंचित नहीं हो पा रहे हैं । बता दें कि उक्त ट्यूबवेल का निर्माण सन 2019 में 29.88 लाख की लागत से हुआ है । उक्त ट्यूबवेल से लगभग 50 हेक्टेयर/दो सौ बीधा खेतों को पानी की आपूर्ति की जानी है । ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और ठेकेदार की मिलीभगत से आज किसानों को दुर्दशा झेलना पड़ रहा है । माधो यादव, भोला प्रसाद, बबलू यादव, कौशल तिवारी, त्रिवेणी तिवारी, उमेश मौर्य, मीरा देवी ,बब्बू तिवारी, अशोक तिवारी, नारायण मौर्य कोला पांडे ,रमेश तिवारी आदि किसान कहते हैं कि 600 मीटर पाइप बिछाकर, बाकी पाइप कहां है और  किस दशा में नहीं बिछाई गई यह समझ से परे है । इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई लेकिन किसी भी अधिकारी ने अभी तक ट्यूबवेल की ओर झांकने की जहमत नहीं उठाई । इस मामले में अवर अभियंता मनोज कुमार भारती ने बताया कि पाइप बिछाने वाली कार्यदाई संस्था को जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया है । उनका कहना है कि कुछ तकनीकी कारणों से संस्था पाइप बिछाने का कार्य विलंबित है । हालांकि संस्था ने बहुत ही जल्द कार्य पूर्ण कराने का आश्वासन दिया है । अब देखना यह है कि सूखे की मार झेल रहे परनपुरा गांव के किसान ट्यूबेल की सुविधाओं का लाभ कब तक ले पाते हैं । 

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By AVP

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