वाराणसी। देश की सांस्कृतिक राजधानी बनारस के पहड़िया स्थित अशोका इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी एंड मैनेजमेंट में गुरुवार को आयोजित होली मिलन समारोह में सतरंगी छटा देखने को मिली। समारोह में संस्कार और सद्भाव का संगम दिखा तो संस्कृति के कई रंग बरसे। गुलाल और चंदन की खुशबू से समारोह महक उठा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि होली का त्योहार आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है।

होली मिलन समारोह में शिक्षकों और प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए पर अशोका इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य ने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार है। रंगों का पर्व होली सामूहिकता और आनंदित जीवन जीने का संदेश देता है। यह समारोह ‘प्रसन्नता का कुछ पल’ है, जिसे हम सभी ने मिलकर संजोया है। बनारस की गंगा जमुनी हर समुदाय को जोड़े रखती है। श्री मौर्य ने अपील की कि आपसी मतभेद को भुलाकर समाज में एकता बनाए रखें। जो रंग होली के मौके पर इस्तेमाल किए जाते हैं, यह सभी आपसी प्रेम के प्रतीक हैं।अशोका इंस्टीट्यूट की निदेशक डा.सारिका श्रीवास्तव ने कहा कि सभी को होली के त्योहार की शालीनता बनाए रखनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा ‘सबका साथ-सबका विकास’ को होली पर्व के साथ जोड़ते हुए कहा कि सबके साथ होली खेलने में एक अभूतपूर्व आनंद और राष्ट्रीय एकता का सही रूप देखने को मिलता है। होली एक ऐसा पर्व है जिसमें जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद का अंत और पंडित दीन दयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद तथा लोहिया का समतामूलक व समदर्शी समाज के परिकल्पना का साकार रूप देखने को मिलता है।होली मिलन समारोह में शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया। वहीं जोगिरा के धुन पर शिक्षाविद और प्रबुद्धजन झूमते रहे। होली समारोह में अशोका इंस्टीट्यूट के संस्थापक इंजीनियर अशोक कुमार मौर्य, चेयरमैन इंजी.अंकित मौर्य, फार्मेसी के प्रिंसिपल डा.बृजेश सिंह, प्रो.एसके शर्मा, प्रो.सीपी मल, डीन एसएस कुशवाहा, रजिस्ट्रार इंजीनियर असीम देव  के अलावा सभी विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक, प्रबद्धजन एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।  

शेयर करे

By AVP

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *