रिपोर्ट : अशोक जायसवाल

चंदौली। यदि यह कहा जाए कि जनपद चंदौली में विकास बेकाबू हो गया है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। इसकी बानकी शनिवार को जिला अस्पताल परिसर में देखने को मिली। विकास के बड़े-बड़े दावे की पोल एक छोटी माइनर ने खोलकर रख दी।  

    किसानों की मांग पर गेहूं सिंचाई के लिए मुख्य गंगा नहर से सम्बद्ध माइनर को छोड़ा गया तो पूरा का पूरा जिला अस्पताल परिसर डूब गया। शनिवार को दूरदराज ग्रामीण इलाकों से दवा-ईलाज के लिए लोग  जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर अवाक रह गए। जिला अस्पताल परिसर स्थित मातृ एवं शिशु विंग अस्पताल के सामने नहर का पानी जमा हुआ था । इस समस्या से जिला अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सकों व कार्यालयीय कर्मचारियों के साथ-साथ अस्पताल में आने वाले मरीजों व तीमारदारों को दिक्कतें उठानी पड़ी। स्थिति यह थी कि जिला अस्पताल तक जाने वाले सभी रास्ते माइनर के पानी से डूब चुके थे। वहीं परिसर स्थित कई भवन भी उसकी चपेट में नजर आए।          यह समस्या काफी पुरानी है, लेकिन न तो स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और ना ही जनप्रतिनिधियों की ओर से ही अस्पताल को सुविधाओं से लैस करने की दिशा में सार्थक पहल हुए। आम लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि व नेता विकास के नाम पर केवल कमिशन से अपनी जेब गर्म कर रहे हैं। ठेकेदारों की सुविधा व सहूलियत को ध्यान में रखकर परियोजनाओं व विकास का झुठा दावा किया जाता है। आमजन की मांग को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिस कारण आज पूरा का पूरा जिला अस्पताल परिसर तालाब बना हुआ है। यह चंदौली के विकास की वास्तविक सच्चाई है।

शेयर करे

By AVP

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *