रिपोर्ट : अशोक जायसवाल
मुगलसराय। एक तरफ देश कोरोना महामारी के तीसरी लहर की चपेट में है वहीं दूसरी तरफ जनपद चन्दौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में लोग मस्ती के मूड में नजर आ रहे हैं। जिला प्रशासन भी AC कमरों में बैठकर सिर्फ मीटिंग की कार्रवाई के बाद प्रेसनोट जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहा है। जी हाँ यह मैं नहीं कह रहा बल्कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में सोमवारी बाजार में सजी दुकानों के बीच कोविड गाइडलाइन को दरकिनार करते हुए दुकानदारों और खरीददारों की लगी भीड़ खुद ब खुद बयां कर रही है। ऐसे में अगर अचानक से कोरोना विस्फोट होता है तो इसके लिए क्या जिला प्रशासन दोषी नहीं होगा आप तस्वीरों में देख सकते हैं बिना मास्क के धक्कामुक्की करते खरीददारी करते महिलाओं के साथ पुरुषों को देख सकते हैं अमूमन सोमवार को छोड़ दिया जाये तो इतनी भीड़ किसी दिन एकसाथ नहीं होती विदित हो कि इधर दो दिनों से लगातार जिले में 35 से ऊपर कोरोना के मरीज मिल रहे हैं जिसमें अकेले पीडीडीयू नगर में 11 मरीज दोनों दिन मिले हैं ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मीटिंग और प्रेस नोट से कोरोना ओर काबू पाया जा सकता है या फिर जिला प्रशासन कुछ सख्ती भी बरतेगी अब देखना है कि जिला प्रशासन की कुम्भकर्णी निद्रा कब टूटती है और सोमवारी बाजार को बंद करने का निर्देश देकर सख्ती से पालन करवाया जाता है।
