रिपोर्ट : भानु प्रताप सिंह
चकिया : चकिया तहसील में राजस्व शहाबगंज के अंतर्गत भटरौल ग्राम सभा में लेखपाल और भूमाफियों ने आपसी साठ-गांठ से आराजी नम्बर 251 नवीन परती बाउंड्री वाल खड़ा करके कब्जा कर लिया गया है,इस सन्दर्भ में पीड़ित पक्ष द्वारा चकिया एस डी एम के समक्ष 21 अगस्त 2021 को सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया था,ताकि उस सार्वजनिक भूमि से उसका आवागमन बाधित न हो ।मामले में प्रभारी अधिकारी ने 7 दिन में मामले को निस्तारित करने को कहा था लेकिन लेखपाल द्वारा कई बार सूचना देने पर भी मामले का संज्ञान नही लिया गया,और टालमटोल किया गया ।
इस मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था बनाये रखने के अंतर्गत भी ग्राम प्रधान की उपस्थिति में दोनों पक्षों के मध्य लिखित समझौता कराया गया था ।
लेकिन बाद में लेखपाल संतोष लाल श्रीवास्तव द्वारा संतोषजनक कार्य न करने के कारण भूमाफियों ने मिलकर उक्त भूमि पर कब्जा कर लिया और आवागमन का मार्ग अवरुद्ध कर दिया, ज्ञात हो कि भूमाफियों और लेखपाल की मिलीभगत से अब आराजी नम्बर 251 में बाउंड्रीवाल बना दी गई है ,जिसकी सूचना इससे पूर्व भी लेखपाल को कई बार सूचित किया जा चुका था ,पुलिस भी मौके पर जाकर राजस्व विभाग का मामला बताकर पल्ला झाड़ रही है ,लेकिन पीड़ित पक्षों द्वारा जब कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई गई तो ग्राम प्रधान की मध्यस्थता में उक्त मामले पर लिखित समझौता कराया गया ,और रास्ता बनने देने की बात कही गई।लेकिन सुभाष विश्वकर्मा ने घर आकर उक्त समझौते को मानने से इनकार कर दिया और अपना दीवाल जोड़ने लगा ।
विदित हो कि पूर्व सपा सरकार में भी पीड़ित पक्ष का आवागमन आराजी नम्बर 253 उत्तर प्रदेश सरकार एवं आराजी नम्बर 252 बंजर जो खतौनी में दर्ज है ,उसका कुछ हिस्सा पास स्थित कब्रिस्तान में मिलाकर बंद कर दिया गया जो मामला न्यायालय में लंबित है ।इस सम्बन्ध में भूमाफियों की साठगांठ से अब उपरोक्त सभी आराजी नम्बर पर कब्जा कर लिया गया है ।पीड़ित पक्ष का एकमात्र आवागमन के विकल्प आराजी नम्बर 251 पर भी बुधवार से सुभाष विश्वकर्मा नामक व्यक्ति द्वारा उक्त सरकारी भूमि में कब्जा किया जा रहा है ।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्रार्थना पत्र के 3 महीने बीतने को है ,इस मामले पर राजस्व विभाग गंभीरता से सज्ञान नही ले रहा है, भूमाफियों के गिरोह के दबाव के चलते कोई भी ग्राम प्रधान आवागमन के लिए रास्ता बनाने को तैयार नही हो पा रहा है ।अब हम सब परिवार सहित अपने घरों में कैद रहने को विवश है ।
लेखपाल की भूमिका संदिग्ध : पीड़ित पक्ष की ओर से वीरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि हम सभी पांच भाइयों का एकमात्र रास्ता ग्राम सभा की उक्त सार्वजनिक भूमि से होकर निकलता है ,स्थानीय स्तर पर शाखा डाकघर भी है जिसमे 6 से अधिक गांव के लोग सरकारी कार्य से आते जाते रहे है ,इस सम्बन्ध में पिछले 3 सालों से विभिन्न तिथियों पर प्रार्थना पत्र दिया गया ,एस डी एम चकिया द्वारा ‘न्याय आपके द्वार’ की मुहिम से प्रेरित होकर 21 अगस्त 2021 को भी उनके समक्ष प्रार्थना पत्र दिया गया ,जिसमें उन्होंने मामले को 7 दिन के अंदर निस्तारण करने का आदेश दिया था,लेकिन लेखपाल ने उस समय से लेकर अब तक उक्त मामले पर कोई कार्रवाई नही किया ।इस सम्बन्ध में जब पीड़ित पक्ष द्वारा लेखपाल से मिलने का बार -बार प्रयास किया गया तो वो आनाकानी करता रहा है ।
जबकि इससे पूर्व भी उक्त मामले में प्रार्थना पत्र पर लेखपाल संतोष लाल श्रीवास्तव ने भूमाफिया सुभाष विश्वकर्मा पर पूर्व राजस्व धारा 122 बी के वर्तमान धारा 67(1) के अंतर्गत करवाई के लिए कहा था । लेकिन यह केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रहा,मौके पर पीड़ित पक्ष ने एस डी एम चकिया के समक्ष उक्त लेखपाल पर सख्त कार्रवाई करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
