स्कीपिंग गेम में बनारस के इस किशोर ने पिछले सभी रिकार्डों को तोड़कर स्थापित किया बड़ा कीर्तिमान

वाराणसी। शहर के एक किशोर ने फकत 15 बरस की उम्र में अपना नाम इंडिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज करा लिया है। किशोर का नाम देवांश पाल है और उसने स्कीपिंग गेम में बड़ा कीर्तिमान हासिल किया है। नई बस्ती-पांडेयपुर के इस होनहार छात्र के पिता चिकित्सा सेवा से जुड़े हैं। इसने सिर्फ एक मिनट में 181 मर्तबा स्कीपिंग करके समूची दुनिया को अपने हुनर का लोहा मनवाया है।
देवांश ने यह खिताब उस पड़ाव पर अपने नाम कराया है, जब उसकी उम्र सिर्फ 15 साल 5 महीना 19 दिन थी। गिनीज बुक आफ रिकार्ड की तरह इंडिया बुक आफ रिकार्ड दर्ज करने के लिए एक संस्था को भारत सरकार ने मान्यता दी है। इस संस्था के चीफ एडिटर डा.विश्वदीप राय चौधरी की ओर से जारी प्रमाण-पत्र में देवेश पाल के कीर्तिमान की सराहना की है। देवांश का नाम इस बात के लिए इंडिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है कि इन्होंने किशोरावस्था में एक मिनट में 181 मर्तबा स्कीपिंग करके पिछले रिकार्ड को तोड़ दिया है। स्कीपिंग गेम को लेकर गिनीज बुक आफ रिकार्ड में एक वयस्क युवक का नाम 214 स्कीपिंग के लिए दर्ज है। देवांश स्पीकिंग गेम में कीर्तिमान कायम करने वाले सबसे कम उम्र के दुनिया के पहले किशोर हैं। इंडिया बुक आफ रिकार्ड में नाम दर्ज कराने के लिए देवांश पाल काफी दिनों से स्कीपिंग गेम का अभ्यास कर रहे थे। गेम में शामिल होने के लिए अक्टूबर महीने में उन्होंने अपना पंजीकरण कराया और स्कीपिंग का अनकट वीडियो संस्था को भेजा। वीडियो की प्रमाणिकता और खेल के प्रतिमानों की जांच-पड़ताल के बाद छह नवंबर 2021 को देवांश का नाम इंडिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज करने के लिए कंफर्म कर दिया गया। इंडिया बुक आफ रिकार्ड की ओर से हाल में देवांश को सर्टिफीकेट जारी करते हुए उनके नाम को सूचीबद्ध किया गया।
देवांश का नाम अब उन लोगों में शुमार है जिनकी उपलब्धियों की देश भर में सराहना की जाती रही है। देवांश को स्कीपिंग गेम में शानदार खिताब मिलने से इनके परिजन, मित्र और शुभचिंत काफी हर्षित हैं। शहर के प्रबुद्धजनों, लेखकों-पत्रकारों ने देवांश के कीर्तिमान की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी है।

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By AVP

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