रिपोर्ट : राजीव कुमार सिंह
वाराणसी । संतुष्टि मेडिकल कालेज डगमगपुर चुनार एवं 2018 बैच के बी एम एस के मेडिकल छात्र का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है । छात्रों ने पिछले लगातार 2 दिनों से काफी मशक्कत के बाद उत्तर -प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल से मुलाक़ात कर अपनी पीड़ा बताई । फिर भी इस मामले में उन्हें केवल आश्वासन ही मिला । तभी छात्रों पर मुख्यमंत्री के ओ एस डी वेद प्रकाश मिश्रा की नज़र पड़ गई । उन्होंने छात्रों से वापस लौटने का आग्रह किया कि वह खुद अगले दिन इस पूरे मामले की जांच करने आ रहे है । इसी क्रम में अपने 8 सदस्यीय दलों के साथ वाराणसी स्थित संतुष्टि मेडिकल कालेज पहुंचकर अपनी जांच शुरू करते हुए छात्रों का बयान दर्ज किया ।राष्ट्र संदेश ने जब इस मामले में मुख्यमंत्री के ओ एस डी मंत्रालय से बात किया तो सबसे पहले उन्होंने खबर की निष्पक्षता की गारंटी का आश्वासन मांगा ,आश्वासन मिलने पर उन्होंने बताया कि जब मैं 8 बजे प्रातः बाबतपुर एयरपोर्ट पर पहुंचा तो संतुष्टि मेडिकल कालेज की निदेशिका डॉ रितु गर्ग का काल आया और उन्होंने कहा कि मैं गाड़ी भेज रही हूं आप मेरी गाड़ी से आइये , हालांकि इस बीच ओ एस डी मुख्यमंत्री वेद प्रकाश मिश्रा बताया कि मेरे द्वारा लगभग 120 बार कॉल करने पर भी संतुष्टि अस्पताल की निदेशिका डॉ रितु गर्ग द्वारा फोन नही उठाया गया ।
कुछ देर अपनी टीम के साथ उन्होंने बाबतपुर एयरपोर्ट पर इंतजार किए ।फिर अपने एक परिचित के वाहन से संतुष्टि मेडिकल कालेज के मुख्यालय पहुंचे , जब वे कालेज पहुंचे तो धरनारत छात्र -छात्राओं का एक -एक करके बयान दर्ज किया ,इस सबन्ध में जब मेडिकल कॉलेज की निदेशिका से मिलने कालेज के अंदर गए तो अस्पताल के मरीजों को छोड़कर सभी कर्मचारी फरार मिले, निदेशिका के ड्राइवर से पूछने पर पता चला कि मैडम यहाँ नही है ,हालांकि धरनारत बच्चो ने ओ एस डी से खुद कहा कि उन्होंने खुद देखा है कि मैडम अपनी गाड़ी से उतर कर मुख्यालय के अंदर गई है ।इस पर ओ एस डी विफर गए और वाराणसी के प्रशासनिक अधिकारियों सहित एक -एक करके जवाब मांगा लेकिन किसी ने उन्हें कोई उचित जानकारी नही दी ।जब मुख्यमंत्री के ओ एस डी की टीम चुनार के डगमगपुर स्थित मेडिकल कालेज पहुंची तो उसमे पहले से ही अंदर की तरफ गेट में ताला कालेज प्रबन्धन द्वारा जड़ दिया गया ,और अंदर रह रहे छात्रों को यह बात बता दिया गया कि तुम लोग अंदर रहो ,बाहर सी सी आई एम की टीम जांच कर रही है ।इसी बीच ओ एस डी मुख्यमंत्री वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि एक विधायक द्वारा मेरे ऊपर कॉल करके दबाव बनाया जा रहा था ,कि कॉलेज मेरा है या तो आप जांच बन्द कर दीजिए या फिर जो मन मे आये जांच में लिख दीजिये मैं ऊपर तक देख लूंगा ।थोड़ी ही देर बाद एक वाराणसी के एक मंत्री का भी फोन आया कि मैं मुख्यमंत्री जी के पास हूं आप क्या कर रहे है वाराणसी में ? जब ओ एस डी ने कहा कि मैं खुद मुख्यमंत्री का ओ एस डी हू । आप माननीय मुख्यमंत्री जी से मेरी बात करा दीजिये तो उन्होंने आधे घण्टे के बाद बात कराने की बात कहकर दुबारा कॉल नही किया । इस बीच ओ एस डी के मोबाइल पर कई अनजान लोंगो का काल आता रहा लेकिन माजरा समझते हुए उन्होंने कोई फोन नही उठाया ।राष्ट्र संदेश ने जब ओ एस डी द्वारा बताए गये फोन करने वाले विधायक से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने पहले अनभिज्ञता जाहिर किया फिर कहा कि आप लोग इस मामले को गहराई से देख रहे है ,हालांकि उन्होंने ओ एस डी मुख्यमंत्री को फ़ोन करने की बात से इनकार किया ।
इस मामले में ओ एस डी वेद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि मामला अत्यंत संवेदनशील है और यह मेडिकल कालेज के फर्जीवाड़ा से जुड़ा हुआ है । इस मामले को पहले मैं उच्चस्तरीय स्तर पर ले जाऊंगा इसके बाद ही पूरे सबूत को मीडिया के सामने रखूंगा |यह मामला पूरी तरह से फर्जीवाड़ा का है ,इसलिए इसपर उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है ।
मेडिकल कालेज के छात्रों ने एक -एक करके वाराणसी प्रशासन द्वारा मामले की अनदेखी और संतुष्टि मेडिकल कालेज को लेकर पैरवी के बारे में ओ पूरी कारस्तानी सुनाई ,ओ एस डी मुख्यमंत्री मंत्रालय ने जब एक -एक अधिकारियों को फोन करना शुरू किया तो सब अपने बचाव में नजर आए और गोलमोल जवाब देना शुरु किया ।
डोनेशन स्लिप पर वसूल लिया फीस
संतुष्टि मेडिकल कालेज के छात्रों ने अपनी फीस की जब रसीद दिखाई तो यह पता चला कि मेडिकल कालेज की फीस को डोनेशन स्लिप पर दर्ज करके उन्हें पकड़ा दिया है ।हालांकि इस मामले की गहराई से पड़ताल करने पर पता चला कि यह फीस पूरी तरह से गलत तरीके से लिया गया है ।कुछ मेडिकल छात्रों ने मेडिकल कालेज पर यह भी आरोप लगाया कि एडमिशन के समय न तो हमे मान्यता के सम्बंध में कोई जानकारी दी गई और न ही हमारे द्वारा फीस का जमा किये गए हिस्से की रसीद ।
सवालो के घेरे में आयुष मंत्रालय
इसे उत्तर – प्रदेश सरकार की रहमोकरम कहा जाय या फिर वाराणसी प्रशासन का सहयोग कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा एवं आयुष विभाग द्वारा जारी काउंसिलिंग लेटर में कैसे संतुष्टि मेडिकल कालेज का एलाटमेंट कर दिया गया । जबकि कालेज सी सी आई एम द्वारा मान्यता की प्रणाली के दायरे में नही आता ।इसी आधार पर प्रतिवर्ष होने वाली जांच के आधार पर सी सी आई एम ने मेडिकल कालेज की खामियों को आधार बनाते हुए इसकी मान्यता को रद्द कर दिया ।
