रिपोर्ट : राजीव कुमार सिंह
वाराणसी । प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस के दुर्गाकुंड में स्थित दृष्टिवाधित छात्रों के लिए पूर्वांचल का एकमात्र हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय के ट्रस्ट द्वारा कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं बन्द किए जाने के निर्णय से अंध विद्यालय के छात्र काफी आहत है और विद्यालय को बंद किए जाने के विरोध में दुर्गामंदिर के सामने विगत एक सप्ताह से धरने पर बैठे हुए है । धरने को शहर के कई संगठन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन दिया है । पूर्व राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार रीबू श्रीवास्तव ने अन्धविद्यालय के छात्रों से मुलाकात करके कहा कि ट्रस्ट द्वारा विद्यालय को बन्द करने का यह निर्णय अत्यंत दुःखद है । प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आज दिव्यांगो की यह हालत है और प्रधानमंत्री जी खामोश हैं । उनकी यह चुप्पी बता रही है कि मोदी जी को अंधविद्यालय के उन छात्रो, जो बिना दृष्टि के अपने हक , अपनी शिक्षा के लिए लड़ रहे है, उनकी कोई चिंता नही है ।
जन अधिकार पार्टी की महिला संगठन की प्रदेश सचिव इंदू कुशवाहा ने कहा कि शासन और प्रशासन का अन्धविद्यालय के मुद्दे पर आंखे मूंद लेना कही न कही इस बात का परिचय दे रहा है कि दृष्टिवाधित छात्रों के प्रति इनके अंदर कोई संवेदना नही बची है ,बनारस के चन्द उद्योगपतियों के हाथों में यह विद्यालय दिया जा रहा है। यदि सरकार इस विद्यालय का अधिग्रहण करके अन्धविद्यालय की पूरी कक्षा का संचालन नही कराती है तो छात्रों के साथ हम आंदोलन के लिए बाध्य होगे , जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी ।
