रिपोर्ट : राजीव कुमार सिंह

रियल स्टेट कंपनी नीलगिरी इंफ्रासिटी द्वारा अपने ही निवेशकों के साथ ठगी के मामले पर अमिताभ ठाकुर ने किया था शिकायत 

लखनऊ /वाराणसी : वाराणसी की एक रियल स्टेट कंपनी नीलगिरी इंफ्रासिटी द्वारा अमिताभ ठाकुर पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर वाराणसी को शिकायती पत्र एवं धारा 156(3) के अंतर्गत  न्यायालय से मुकदमा दर्ज  कराने की मांग की गई है ।
क्या है पूरा मामला 
वाराणसी शहर में रियल स्टेट कंपनी नीलगिरी इंफ्रासिटी ने देश के कई हिस्सों में नेटवर्किंग के जरिये  प्रलोभन देकर अपनी कंपनी में इन्वेस्ट कराने की बात करके अधिक मुनाफा देने की बात करते हुए कई इन्वेस्टर्स से इन्वेस्ट कराया ।  इन्वेस्टमेंट की मियाद पूरी होने के बाद जब इन्वेस्टर्स कंपनी से अपना पैसा मांगने लगे तो नीलगिरी इंफ्रासिटी के सी एम डी ऋतु सिंह व उनके पति विकास सिंह टालमटोल करते रहे ।जब इन्वेस्टर्स मामले को लेकर नीलगिरी इंफ्रासिटी के आफिस पहुंचे तो नीलगिरी इंफ्रासिटी सी एम डी विकास सिंह एवं उनकी पत्नी गायब मिले । कर्मचारियों ने भी इन्वेस्टर्स को किसी प्रकार का जवाब देने से मना कर दिया ।थक हारकर इंवेस्टर्स समूह के लगभग 10 सदस्यों ने कंपनी का पूरा विवरण देते हुए चंदन चौरसिया द्वारा दिए गए तहरीर के आधार पर कंपनी के सी एम डी ऋतु सिंह, विकास सिंह एवं कंपनी के अन्य कर्मचारी प्रदीप यादव,संजय प्रजापति,अक्सा मैम एवं पलाश सिंह के विरुद्ध चेतगंज कोतवाली में धारा 419,420,406  के अंतर्गत (एफआईआर संख्या 0110 ) 26 जुलाई को मुकदमा दर्ज कराया,और ऑफिस को सील करने की मांग किया ।
मामले पर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर एवं उनकी पत्नी अधिवक्ता उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच डॉ नूतन ठाकुर ने नीलगिरी इंफ्रासिटी द्वारा ठगी के मामले को लेकर एक शिकायती पत्र लिखकर वाराणसी के पुलिस उच्चाधिकारियों को मामले में संज्ञान लाते हुए कारवाई की मांग किया था ,जिसपर चेतगंज पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
मामले पर राष्ट्र संदेश ने पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर एवं उनकी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर से जब इस प्रकरण पर पूछा तो उन्होंने कहा कि नीलगिरी इंफ्रासिटी फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज करवा कर मुझे जनता की लड़ाई से दूर रखने की कोशिस कर रही है,जबकि इस बात के प्रमाण है कि नीलगिरी इंफ्रासिटी द्वारा लोगों से ठगी की गई है। मै हमेशा पूर्व की भांति जनता के साथ उनको न्याय दिलाने के लिए  खड़ा रहा हूं और आगे भी रहूंगा , हम इनकी गीदड़ भभकी से नही डरने वाले है।कानून के हर बिन्दुओ को ध्यान रखते हुए ,कंपनी द्वारा की गई ठगी के मामले पर करवाई होनी चाहिए । जनता के साथ विश्वासघात प्रदेश में नही होने दिया जाएगा ।
चोरी भी -सीना जोरी भी 
नीलगिरी इंफ्रासिटी द्वारा करोड़ो रूपये की धोखाधड़ी के मामले में चेतगंज कोतवाली में मामला दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस ने नीलगिरी इंफ्रासिटी के सी एम डी सहित अन्य लोगों को अब तक अपनी हिरासत में नही लिया है  । मामले पर पीड़ित चंदन चौरसिया ने बताया कि नीलगिरी इंफ्रासिटी के सी एम डी दंपत्ति ने केवल वाराणसी ही नही बल्कि अन्य प्रांतों में भी नेटवर्किंग के जरिये लोगों को लुभावने वादे देकर ,जमीन में इन्वेस्ट कराने की बात किए ।जब लोग विश्वास में आकर इन्वेस्टमेंट के बाद जब समय पर अपना मूलधन मुनाफे सहित मांगने लगें तो नीलगिरी इंफ्रासिटी ने अलग-अलग तरीकों से गुमराह किया ।और जब हम वाराणसी में मलदहिया स्थित नीलगिरी के ऑफिस पहुंचे तो ये सी एम डी दंपत्ति फरार मिले और कर्मचारी किसी भी सवाल का जवाब देने के पक्ष में नही थे ।इसके पश्चात सभी इंवेटर्स की सहमति से चेतगंज कोतवाली में तहरीर मेरे द्वारा दी गई ।पुलिस की कार्यप्रणाली में लापरवाही बरतने पर एक पत्र पूर्व आई पी एस अमिताभ ठाकुर जी को लिखकर हम लोगों ने मामले में हस्तक्षेप करने की मांग किया ,जिसपर श्री ठाकुर दंपत्ति ने हमारे मामले को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया ।
हालांकि नीलगिरी इंफ्रासिटी के विरुद्ध पूर्व आई पी एस  अमिताभ ठाकुर ने अपने ऊपर लग रहे आरोपों का खंडन करते हुए एक पत्र पुलिस के उच्च अधिकारियों को लिखा है कि उन्होंने पूर्व में नीलगिरी इंफ्रासिटी के विरुद्ध दर्ज मामले में जांच और करवाई के सम्बंध में पत्र लिखा था ,जिसे कंपनी के सी एम डी विकास ने अपने बचाव के लिए झूठी शिकायत एवं उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है ,इस मामले में उनके पत्र का सज्ञान लेते हुए नीलगिरी इंफ्रासिटी के सी एम डी सहित अन्य पर मुकदमा पंजीकृत करके उचित कार्यवाही का आग्रह किया गया है ।

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By AVP

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