वाराणसी । बी.एच.यू. आई एम एस के ह्रदय रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक प्रो.ओमशंकर को विभागाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है । जिससे बीएचयू एवं आस-पास के क्षेत्रों में लोगों में हर्ष है । 

       बता दे कि प्रो.ओमशंकर ने बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर मार्च 2011 में बी एच यू के आई एम एस में हृदय रोग विभाग में अपनी सेवा प्रारंभ किया था ,इनकी कर्तव्यनिष्ठता की चर्चा केवल बी एच यू ही नही बल्कि देश के विभिन्न प्रांतों में भी है ।प्रो. ओमशंकर को देश मे स्वास्थ्य क्रांति के आंदोलन के नेतृत्वकर्ता के रूप में भी जाना जाता है । वे ” स्वास्थ्य के मौलिक अधिकार” को लेकर दिसंबर 2011 से अपने कार्यकाल के शुरुआत से ही आंदोलन कर रहे है । वर्ष 2014 के मार्च माह में 15 दिन तक स्वास्थ्य के मौलिक अधिकार की मांग के लिए अनशन पर रहे । इसके खामियाजे में बी एच यू द्वारा 14 महीने तक इन्हें निलंबित करते हुए स्वास्थ्य सेवा से वंचित रखा गया एव उन्हें नजरबन्द कर दिया गया । उनको मिलने वाले भत्ता एवं अन्य सुविधाओं पर  भी बी एच यू द्वारा रोक लगा दिया गया ।     

      अभी पिछले वर्ष भी प्रो.ओमशंकर स्वास्थ्य के मौलिक अधिकार की मांग ,स्वास्थ्य बजट में वृद्धि, हर 6 करोड़ आबादी पर एक एम्स की मांग को लेकर बी एच यू के सिंहद्वार पर आमरण अनशन लगातार रहे थे । इनकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वाराणसी के विभिन्न पंथों के धर्म गुरुओं ने मिलकर इनसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया । प्रो.ओमशंकर ने एक बच्ची के हाथों से जूस पीकर अनशन को तोड़ा ।

शेयर करे

By AVP

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *