आजमगढ़/वाराणसी । आजमगढ़ के रौनापार पलिया गाव की , पुलिस द्वारा झूठा केस गढ़ कर गरीबों पर अत्याचार, लूट, घर ढहाने, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटना को यदि आप पहली घटना समझते हैं, तो आप गलत हैं। क्योंकि आजमगढ़ पुलिस ने इसके पहले भी ऐसी ही एक वीभत्स घटना को अंजाम दे रखा है । जिसे जानने के बाद आप चौके बिना नही रह पाएंगे । आजमगढ़ के पलिया गांव में दलितों पर अत्याचार और पुलिसिया ज़ुल्म गोधौरा कांड की पुनरावृत्ति है । दलितों के मुताबिक आजमगढ़ में बीते 4 मई की शाम भी गौधौरा दलित बस्ती में पुलिस कप्तान सुधीर कुमार सिंह की अगुआई में उनपर जुल्म का पहाड़ तोड़ा गया था । 
         जहानाबाद क्षेत्र की दलित बस्ती में लूटपाट ,तोड़फोड़, दलित महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया । इस गांव के 3 साल से लेकर 90 साल के निर्दोष नागरिको को पुलिस द्वारा बर्बरता पूर्वक पीटा गया। इनमे बड़ी संख्या में मासूम बच्चे ,महिलाएं, विकलांग, और बुजुर्ग शामिल थे ।महिलाओं का आभूषण लुटा गया ,और उनकी इज्जत पर डाका भी डाला गया । आतताई पुलिस वाले बकरी मुर्गियां,बत्तख,बटेर तक लूट ले गए उनकी करीब 40 बाइके भी खाकी वाले उठा ले गए ।         आजाद भारत मे दुर्दांत,शर्मनाक और योगी सरकार को कलंकित करने वाली इस घटना को खुद एस पी आजमगढ़ सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया, ऐसा ग्रामीणों का आरोप है । दलित समुदाय के लोगों को यह प्रताड़ना इसलिए दी गई कि उन्होंने जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में एक गांव की एक दलित प्रत्याशी को प्रशासन ने जबरिया हरा दिया था । इस प्रत्याशी के समर्थन में इस गांव के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और गुस्ताखी कर दी थी ।    

       बस इसी अपराध के लिए पुलिस ने यह नंगा नाच सूबे के एक मंत्री के इशारे पर किया । ग्रामीणों को आतंकित करने के लिए 56 राउंड गोलियां चलाई गई और आशु गैस के गोले दागे गए । 4 मई की शाम पूरे गांव में करीब 250 पुलिसकर्मियों ने यह नंगा नाच किया  । जो जहाँ मिला उन पर अनगिनत लाठियां तोड़ी गई ,झोपड़ियो को फूंक दिया गया । जिनके जख्म आज भी ग्रामीणों के शरीर पर मौजूद है । इस गांव के तमाम दलित परिवार पुलिस के खौफ से पलायन कर गए है । जहानाबाद की पुलिस प्रायः हर रात इस गाँव मे आती है और दलित महिलाओं और बच्चों के साथ जुल्म और ज्यादती करके लौट जाती है ।

राष्ट्र संदेश के प्रधान संरक्षक वरिष्ठ पत्रकार विजय विनीत के साथ हमने खुद दलितों की व्यथा सुनी औऱ साक्ष्य जुटाए । हमारी रिपोर्ट का इंतजार कीजिये तब -तक देखिए जुल्म और ज्यादती के कुछ वीडियो । यह वीडियो उन दलितों के है ,जिन पर अपराध की लगभग सभी प्रचलित धाराएं इनके माथे पर चस्पा कर दी गई है ।इस गांव के पीड़ित दलित योगी सरकार से न्याय की दुहाई दे रहे है, लेकिन इनकी आवाज नक्कारखाने में दफ़न हो गई हैं।

अभी यह लेख उक्त घटना की बानगी मात्र है।  इस खबर का विस्तृत घटनाक्रम जानने के लिए जुड़े रहिए राष्ट्र संदेश न्यूज के साथ । नोटीफिकेशन पाने के लिए बेल आइकॉन को जरूर दबाए।  

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By AVP

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