* जबकि रात में मौके पर पहुंचे थे थानाध्यक्ष 

* ग्रामीणों ने लगाया पुलिस पर लीपापोती का आरोप

संवाददाता, बबुरी (चंदौली)। क्षेत्र के लेवा गांव में स्थापित होलिका को सोमवार की रात अज्ञात लोगों ने समय से पहले जला दिया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्राम प्रधान के समझाने-बुझाने के बाद दूसरी होलिका स्थापित की गई, जिसका दहन मंगलवार की रात होना था, लेकिन अवांछनीय तत्वों ने भोर में उसे भी आग के हवाले कर दिया।

लगातार दूसरी बार हुई इस घटना से ग्रामीण भड़क उठे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना बबुरी थाने को दी। सूचना पर थानाध्यक्ष विनोद मिश्रा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। पूर्व ग्राम प्रधान आशुतोष जायसवाल के हस्तक्षेप और समझाने के बाद तिसरी बार होलिका स्थापित कराते हुए किसी तरह स्थिति को शांत कराया गया।

          हालांकि, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब इस गंभीर मामले पर थानाध्यक्ष से सवाल किया गया तो उन्होंने पूरी घटना से अनभिज्ञता जताते हुए इसे सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि “ऐसा कोई मामला नहीं हुआ है, कुछ लोग शराब पीकर आपस में हुड़दंग कर रहे थे।” पुलिस के इस बयान से ग्रामीणों में और नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि दो-दो बार होलिका जलाया जाना महज “हुड़दंग” नहीं हो सकता। यह सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश है, लेकिन पुलिस इसे गंभीरता से लेने के बजाय लीपापोती में जुटी दिख रही है। सवाल यह है कि यदि घटना हुई ही नहीं, तो मौके पर पुलिस पहुंची क्यों और ग्रामीणों का आक्रोश किस बात पर था? स्थानीय लोगों ने पुलिस पर मामले को दबाने और जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया है। पुलिस की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी ने कानून-व्यवस्था पर भरोसे को झटका दिया है।

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