बबुरी चंदौली । गुरुवार को क्षेत्र के इंद्रपुरा गांव में बाढ़ पीड़ितों के लिए बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया गया । बाढ़ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि राहत सामग्री के वितरण के लिए लेखपाल द्वारा पात्रों का सर्वे किए बगैर ही लिस्ट बना दिया गया ।
बाढ़ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और लेखपाल के मिली भगत से राहत सामग्री का विवरण अपात्रों में कर दिया गया जबकि पात्र व्यक्तियों का सर्वे तक नहीं किया गया । बताया कि गोंडी और पटनवा के बाढ़ पीड़ित लगभग छः किलोमीटर दूर पैदल यात्रा कर इंद्रपुरा गांव में पहुंचे लेकिन यहां लिस्ट में नाम न होने पर निराश होना पड़ा । ग्रामीणों ने बताया कि जिनके घर अभी भी बाढ़ में घिरे हुए हैं उनको भी राहत सामग्री का लाभ नहीं मिल पा रहा है । इस दौरान कुछ पीड़ितों ने जमकर विरोध भी दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल नए सिरे से सर्वे कराना चाहिए ताकि असली बाढ़ पीड़ितों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि बाढ़ ने जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, घरों में खाने-पीने की वस्तुएं समाप्त हो रही हैं, पशुओं के चारे का संकट भी गहराता जा रहा है। ऐसे में यदि राहत सामग्री ही न मिले तो पीड़ितों की परेशानियां और बढ़ेंगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही निष्पक्ष सर्वे और राहत वितरण नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे।
बाढ़ राहत सामग्री के वितरण में अनियमितता पर भड़के पीड़ित, लगाया अपात्रों में वितरित किए जाने का आरोप
