बबुरी चंदौली । कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो…इस बात को यूपीएस बबुरी के छात्रों और गुरुजनों ने सच कर दिखाया है। इस बार राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में विद्यालय से 15 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। अब इन बच्चों को प्रतिमाह ₹1000 की छात्रवृत्ति आगे की पढ़ाई के लिए भारत सरकार द्वारा प्राप्त होगी। कोविड महामारी के कारण पिछले 2 वर्षों से कक्षाएं अच्छे से संचालित नहीं हो पाई थी।फिर भी इस विपरीत परिस्थितियों और कठिन चुनौतियों के बीच विद्यालय के शिक्षकों ने हार नहीं मानी और ऑनलाइन ही बच्चों की तैयारी करवाते रहें।विद्यालय के 15 विद्यार्थियों विष्णु, श्रीनिवास, मोहित, विशाल, शुभम, लकी, आकाश, प्रेमसागर, वीरू, सत्या, ऋषि, हर्ष, टोनी,शनी और साहिल ने इस कठिन कार्य को आसान कर दिखाया है। और यह दिखा दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी ही विपरीत क्यों न हो यदि व्यक्ति दृढ़ इच्छाशक्ति, समर्पण और सही दिशा में परिश्रम करे तो उसका फल अवश्य प्राप्त होता है। अब इन बच्चों को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के उपरांत इंटरमीडिएट तक प्रतिमाह ₹1000 छात्रवृत्ति के रूप में मिलेगी।कक्षा आठ के इन बच्चों के कक्षाध्यापक सत्य प्रकाश मौर्य ने कहा कि लॉकडाउन के समय बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से छात्रवृत्ति से संबंधित शैक्षिक मटेरियल उपलब्ध कराते रहे और समय-समय पर उनका ऑनलाइन क्विज भी कराते रहे। वह बच्चों को इस तरह से मोटिवेट करते थे की तुम जब कक्षा 8 यूपीएस बबुरी से पास करोगे तो तुम्हें ₹1000 महीने की प्लेसमेंट मिलेगी।विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरीचरण राम ने इस सफलता का श्रेय बच्चों के साथ ही साथ सभी स्टॉफ सत्यप्रकाश मौर्य,माधुरी सिंह, रमेशचंद्र मौर्य,नीलम,शमीम अहमद,नियाज़ अहमद,अशोक चौहान,रक्षा सिंह के मेहनत को दी और उन्होंने कहा कि हमारे विद्यालय से प्रतिवर्ष बच्चे इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति परीक्षा में प्रतिभाग करते हैं और छात्रवृत्ति प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने बच्चों को हमारे विद्यालय में नामांकन कराएं और हम उन्हें अच्छी शिक्षा दीक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार करेंगे। हरिचरण राम ने बताया कि इस वर्ष विद्यालय के 22 बच्चों ने इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में प्रतिभाग किया था, इनमें से 15 बच्चों ने सफलता प्राप्त की है और विष्णु मौर्य ने तो पूरे जिले में सातवीं रैंक पाकर विद्यालय का और अपने अध्यापकों का नाम रोशन किया है।विद्यालय परिवार के साथ-साथ बच्चों के अभिभावक भी बहुत खुश हैं।
